भारत

BJP- नवरात्रि में मीट पर रोक की मांग, विधायक ने CM और फूड चेन को लिखा पत्र

SHIDDHANT
20 Sept 2025 9:41 PM IST
सांकेतिक तस्वीर (AI)
x

सांकेतिक तस्वीर (AI)

DELHI दिल्ली। नवरात्रि पर्व के दौरान मांसाहारी भोजन की बिक्री और खपत को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर नवरात्रि के दिनों में मीट की दुकानों को बंद करने और बड़े फूड चेन तक में मांसाहारी भोजन पर रोक लगाने की मांग की है। जंगपुरा से भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह और शकरपुर बस्ती से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने अलग-अलग पत्र लिखते हुए यह मांग रखी। करनैल सिंह ने तो डोमिनोज, मैकडॉनल्ड्स और केएफसी जैसी अंतरराष्ट्रीय फूड चेन को भी पत्र भेजकर अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन की बिक्री रोक दें। उनका कहना है कि नवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए इस दौरान मांसाहार से परहेज किया जाना चाहिए।

भाजपा विधायकों का कहना है कि नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। उनका आरोप है कि मंदिरों के आसपास भी मीट की दुकानें खुल जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। इससे पहले भी नवरात्रि के दौरान भाजपा नेताओं ने ऐसी मांग उठाई थी। पिछले वर्ष नवरात्रि और रमजान का समय एक साथ पड़ा था। उस दौरान भी दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेताओं ने मीट की दुकानों को बंद करने की अपील की थी।

दिल्ली भाजपा के विधायक रविंद्र नेगी और नीरज बसोया ने कहा था कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों के सामने मांस की दुकानें खुलना धार्मिक आस्था के खिलाफ है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के एक भाजपा विधायक ने भी अपने राज्य में ऐसी ही मांग की थी। रविंद्र नेगी ने यहां तक कहा था कि नवरात्रि हिंदुओं का पावन त्योहार है और इस दौरान मांस देखकर भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा था कि जैसे मीठी ईद पर सेवइयां खाई जाती हैं, उसी तरह नवरात्रि पर मांसाहार से परहेज करना चाहिए। भाजपा विधायकों की इस पहल ने राजधानी में एक बार फिर धार्मिक भावनाओं और खानपान की स्वतंत्रता पर बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली सरकार और पुलिस इस मांग पर क्या रुख अपनाती है।
Next Story