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Delhi दिल्ली। भाजपा नेता आरपी सिंह ने CJP के विरोध मार्च को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन और मार्च को चुनिंदा मुद्दों के आधार पर आयोजित किया जाता है और कई राज्यों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है। आरपी सिंह ने कहा कि CJP बहुत चयनित तरीके से अपने विरोध मार्च की योजना बनाती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कई राज्यों में गंभीर मुद्दे होने के बावजूद वहां जाकर आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने झारखंड, केरल और पंजाब जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड में जाकर मुद्दे नहीं उठाए गए और केरल में बेटियों से जुड़े मामलों पर भी कोई विरोध मार्च नहीं किया गया। उन्होंने पंजाब में पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की समस्याओं को भी सामने लाने की जरूरत है। आरपी सिंह ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर स्कूलों की स्थिति ऐसी है जहां एक ही हॉल में कई अलग-अलग कक्षाएं संचालित करनी पड़ती हैं।
उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन सभी मामलों को समान नजरिए से देखना चाहिए। किसी एक मुद्दे या क्षेत्र को लेकर बार-बार प्रदर्शन करने से लोगों में सवाल पैदा होते हैं। आरपी सिंह ने अपने बयान में कहा, “काठ की हांडी एक बार चढ़ती है, बार-बार नहीं चढ़ती।” उन्होंने इस बयान के जरिए विरोध प्रदर्शनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए।
भाजपा नेता के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, CJP की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें कि देश में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर कई संगठन समय-समय पर विरोध प्रदर्शन और मार्च आयोजित करते हैं। इन प्रदर्शनों को लेकर अक्सर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिलते हैं। आरपी सिंह के बयान को भाजपा की ओर से CJP के विरोध प्रदर्शनों की रणनीति पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है। अब इस मामले में आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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