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New Delhi. नई दिल्ली। एंटी पेपर लीक कानून और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के बयानों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि उन्होंने संसद के भीतर और बाहर लगातार झूठ फैलाने का काम किया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के उन आरोपों का भी खंडन किया, जिनमें उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कथित तौर पर ऐसा आदेश दिए जाने की बात कही थी। संबित पात्रा ने कहा कि संसद ने हाल ही में पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाया है। ऐसे समय में विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सिलसिलेवार तरीके से गलत जानकारी प्रस्तुत की और छात्रों के आंदोलन को लेकर ऐसे दावे किए जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
बीजेपी प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि छात्रों के संसद मार्च के दौरान किसी प्रकार की गोलीबारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह दावा कि छात्रों पर गोली चलाई गई या ऐसा करने का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया, पूरी तरह झूठा और निराधार है। पात्रा ने कहा कि किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति में गोली चलाने का निर्णय गृह मंत्री नहीं लेते, बल्कि मौके पर मौजूद सक्षम मजिस्ट्रेट कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यकता पड़ने पर ऐसा आदेश देते हैं। इसलिए राहुल गांधी का यह आरोप तथ्यहीन है। संबित पात्रा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगाना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। बीजेपी ने राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह की विदेश यात्राओं को लेकर किए गए कथित दावों का भी खंडन किया। पात्रा ने कहा कि गृह मंत्री किसी भी प्रकार की विदेश यात्रा "चोरी-छिपे" नहीं करते और इस संबंध में लगाए गए आरोप भी पूरी तरह गलत हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने छात्रों को लेकर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस देश का कोई भी छात्र "इडियट" नहीं है और भारतीय जनता पार्टी देश के छात्रों का सम्मान करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए "इडियट" शब्द का इस्तेमाल किया, जो न केवल अनुचित है बल्कि संसदीय मर्यादाओं के भी खिलाफ है। पात्रा ने इस शब्द को असंसदीय बताते हुए कहा कि छात्रों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बीजेपी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगाना उचित नहीं है। पार्टी का कहना है कि संसद और जनता के सामने केवल तथ्यों पर आधारित बातें रखी जानी चाहिए। वहीं कांग्रेस की ओर से इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि संसद में उन्हें छात्रों के मुद्दे पर बोलने नहीं दिया गया और वह इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी बात रखेंगे। राहुल गांधी और बीजेपी के बीच छात्रों के प्रदर्शन, एंटी पेपर लीक कानून और संसद में हुई बहस को लेकर जारी यह राजनीतिक टकराव अब और तेज हो गया है। दोनों दल एक-दूसरे के आरोपों का लगातार जवाब दे रहे हैं। फिलहाल इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।
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