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निकाय चुनाव में BJP का जलवा 4000 से ज्यादा वार्डों में जीत
Jaipur जयपुर। राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की सियासत में अपनी पकड़ का संकेत दिया है। चुनाव परिणामों में खास तौर पर छोटे कस्बों और आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी को अच्छी सफलता मिली है। वहीं, किसान बहुल इलाकों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। प्रदेश के 10 नगर निगमों के परिणामों पर नजर डालें तो बीजेपी ने पांच नगर निगमों में जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को एक नगर निगम में सफलता मिली। चार नगर निगमों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से त्रिशंकु स्थिति बनी है। ऐसे में इन निकायों में आगे की राजनीतिक तस्वीर निर्दलीय और अन्य पार्षदों की भूमिका पर निर्भर कर सकती है।
निकाय चुनाव में बीजेपी ने कुल मिलाकर 4,000 से अधिक वार्डों में जीत दर्ज की है। कांग्रेस को 3,450 से अधिक वार्डों में सफलता मिली, जबकि 2,400 से ज्यादा वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। आंकड़े बताते हैं कि जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा, वहीं बड़ी संख्या में मतदाताओं ने निर्दलीय प्रत्याशियों को भी समर्थन दिया। बीजेपी की सफलता के पीछे राज्य सरकार के कामकाज को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषण के मुताबिक, युवाओं को रोजगार देने और पेपर लीक पर रोक लगाने जैसे मुद्दों को बीजेपी ने चुनावी स्तर पर प्रभावी ढंग से पेश किया। इससे छोटे शहरों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी को फायदा मिला।
हालांकि बड़े शहरों में पार्टी को कुछ मुद्दों पर चुनौती का सामना करना पड़ा। यूजीसी से जुड़े विरोध और स्थानीय स्तर के मुद्दों का असर बीजेपी के प्रदर्शन में दिखाई देने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। पार्टी के भीतर संगठनात्मक खींचतान और चुनावी सक्रियता की कमी को इसके पीछे महत्वपूर्ण कारणों में गिना जा रहा है। कांग्रेस पर यह भी आरोप रहा कि उसने बीजेपी के खिलाफ बने माहौल पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया। वहीं, नीट पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की अपेक्षाकृत कमजोर सक्रियता का असर भी चुनाव परिणामों पर पड़ने की चर्चा है।
चुनाव परिणामों में कुछ क्षेत्रों में बीजेपी के लिए अप्रत्याशित झटके भी सामने आए। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के क्षेत्र बीकानेर में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। इस बीच डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर नगर पालिका चुनाव का एक परिणाम खास तौर पर चर्चा में रहा। यहां अलग-अलग वार्डों में बीजेपी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशियों को महज एक-एक वोट मिला। सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी प्रत्याशी कैलाश चंद्र के परिणाम की हुई, क्योंकि जिस वार्ड से वह चुनाव लड़ रहे थे, वहां उन्हें खुद का वोट भी नहीं मिला।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव में बीजेपी की सफलता पर जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने इसे शानदार और ऐतिहासिक जीत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास से संभव हुई है। कुल मिलाकर राजस्थान निकाय चुनाव के परिणामों ने बीजेपी को बढ़त दी है, लेकिन कई नगर निगमों में त्रिशंकु स्थिति और बड़ी संख्या में निर्दलीयों की जीत ने संकेत दिया है कि स्थानीय राजनीति में समीकरण अभी पूरी तरह एकतरफा नहीं हुए हैं।
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