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निज्जर केस में नाम आने के बावजूद भारत में ही रहेगा बिश्नोई

Saba Naaz
10 July 2026 7:04 PM IST
निज्जर केस में नाम आने के बावजूद भारत में ही रहेगा बिश्नोई
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नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बावजूद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में ही रहेगा। भारत और अमेरिका के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के नियमों के अनुसार, किसी आरोपी को दूसरे देश को सौंपने से पहले उसके खिलाफ भारत में चल रहे मामलों की कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अभी तक अमेरिका की ओर से आधिकारिक स्तर पर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग नहीं की गई है। हालांकि, अमेरिकी अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद भविष्य में इस संबंध में अनुरोध आने की संभावना जताई जा रही है।

प्रत्यर्पण संधि के नियम लागू होंगे

भारत और अमेरिका के बीच वर्ष 1997 में हुई प्रत्यर्पण संधि के तहत किसी अपराधी को दूसरे देश को सौंपने की प्रक्रिया तय है। इसके अनुसार, यदि किसी आरोपी के खिलाफ भारत में गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं तो पहले उन मामलों में सुनवाई और सजा की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद ही उसे दूसरे देश को सौंपा जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, जबरन वसूली समेत कई गंभीर आरोपों से जुड़े 80 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। ऐसे में उसका तत्काल अमेरिका प्रत्यर्पण संभव नहीं माना जा रहा है।

जेल में पूछताछ की मिल सकती है अनुमति

जानकारों का कहना है कि यदि अमेरिका की ओर से औपचारिक अनुरोध आता है तो भारत जांच में सहयोग कर सकता है। अमेरिकी जांच एजेंसियों को भारतीय जेल में बंद आरोपी से पूछताछ की अनुमति भी दी जा सकती है।

इससे पहले मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली से भी अमेरिकी अधिकारियों को पूछताछ की अनुमति दी गई थी। भारत की जांच एजेंसियों ने भी अमेरिका जाकर उनसे जानकारी जुटाई थी।

साबरमती जेल में कड़ी निगरानी

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों ने उन आरोपों को खारिज किया है, जिनमें साबरमती जेल में बंद रहने के दौरान लॉरेंस बिश्नोई द्वारा आपराधिक गतिविधियां संचालित करने की बात कही गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, पहले तिहाड़ और पंजाब की जेलों में रहते हुए बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़े आरोप सामने आए थे, लेकिन वर्तमान में साबरमती जेल में उसे अलग-थलग रखा गया है और उस पर 24 घंटे निगरानी रखी जाती है।

कब हुई थी निज्जर की हत्या?

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा में हुई थी। वहीं लॉरेंस बिश्नोई को 18 अगस्त 2023 से साबरमती जेल में रखा गया है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि निज्जर हत्याकांड की साजिश उस समय की हो सकती है, जब बिश्नोई साबरमती जेल में नहीं था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, भारत खुद भी गैंगस्टर, तस्करी और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। विदेशों में फैले ऐसे नेटवर्क भारत की सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं। इसी कारण भारतीय एजेंसियां FBI समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग जारी

FBI ने भी अपनी जांच में भारतीय एजेंसियों से सहयोग मिलने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि अपराध और आतंक से जुड़े मामलों में दोनों देशों की एजेंसियां सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही हैं।

फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में ही रहेगा और उसके खिलाफ चल रहे मामलों की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भविष्य में अमेरिका की ओर से प्रत्यर्पण अनुरोध आने पर भी फैसला भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि और भारतीय कानूनों के तहत ही लिया जाएगा।

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