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बिक्रम मजीठिया को लगा बड़ा झटका, कोर्ट ने जमानत याचिका कर दी खारिज

jantaserishta.com
25 Feb 2022 2:18 PM GMT
बिक्रम मजीठिया को लगा बड़ा झटका, कोर्ट ने जमानत याचिका कर दी खारिज
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मोहाली। ड्रग्स केस में फंसे दिग्गज अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को बड़ा झटका लगा है। मोहाली कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस वक्त मजीठिया पटियाला जेल में बंद हैं। अब वह जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे। एसआईटी की तरफ से सरकारी वकील ने NDPS एक्ट के तहत लगे आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया गया था।

एडवोकेट अर्शदीप कलेर ने कहा कि यह कोर्ट का फैसला है। हम पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्टेट मशीनरी को इस्तेमाल कर इस केस को टेक्निकली उलझा दिया गया है। NDPS एक्ट की धाराएं ही ऐसी लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पंजाब पुलिस की SIT ने पूछताछ कर ली थी। उन्होंने पुलिस रिमांड तक नहीं मांगा था। फिलहाल इस मामले में कोर्ट के ऑर्डर को पढ़ने के बाद हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मजीठिया ने गुरूवार को मोहाली कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उनकी कस्टडी मांगी। हालांकि कोर्ट ने परिसर में ही पूछताछ के लिए एक घंटे का वक्त दिया। इसके बाद उन्हें 8 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पहले शुक्रवार दोपहर में मोहाली की जिला अदालत में सुनवाई हुई। मजीठिया को लेकर बचाव पक्ष और लोक अभियोजकों के बीच लंबी बहस हुई। मजीठिया के वकील डीएस सोबती ने अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि मजीठिया के खिलाफ सत्ताधारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के दबाव में केस दर्ज किया गया है, जबकि सरकारी वकीलों ने भी जमानत ना मिलने की दलील दी थी।
गुरुवार को मजीठिया को मोहाली की एक अदालत के आदेश पर संगरूर जिला जेल लाया गया था। वह यहां करीब 20 मिनट तक रहे और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया। जेल अधिकारियों ने संगरूर से पटियाला स्थानांतरित करने के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। मजीठिया को गुरुवार रात करीब साढ़े 9 बजे पटियाला सेंट्रल जेल ले जाकर स्पेशल सेल में रखा गया।
पटियाला में सेंट्रल जेल के अधीक्षक शिवराज सिंह नंदगढ़ ने बताया कि शुक्रवार को बिक्रम मजीठिया ने जेल नियमानुसार नाश्ता किया। हालांकि जेल में वह अपनी मर्जी से खाना बना सकते है। इसके लिए उन्हें खुद जेल कैंटीन में सामान लाना पड़ेगा। सुबह मजीठिया को जेल नियमावली के अनुसार खाना दिया गया। विशेष मांग पर मजीठिया जेल के नियमों के अनुसार विशेष रसोइया की मदद ले सकते हैं, जिसके लिए अलग से राशन लेना पड़ता है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि बिक्रम मजीठिया को समाचार पत्र आदि उपलब्ध कराए गए हैं। उन्हें सुरक्षा के लिए अलग बैरक में रखा गया है। जहां कोई अन्य कैदी नहीं हैं। उनके बैरक में फिलहाल कोई टेलीविजन नहीं है। जेल अधीक्षक ने कहा कि अगर बिक्रम मजीठिया ने इस संबंध में कोई मांग की तो उन्हें टेलीविजन भी मुहैया कराया जाएगा। बताया गया कि गुरुवार रात जब मजीठिया जेल पहुंचे तो थोड़ा परेशान से दिखे। रात में भी काफी देर तक जागते रहे। उन्हें नींद नहीं आने की समस्या से जूझना पड़ा। बेचैनी में पूरी रात गुजारनी पड़ी।
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