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बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन ने जारी किया घोषणापत्र तेजस्वी प्रण

Shantanu Roy
28 Oct 2025 5:14 PM IST
बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन ने जारी किया घोषणापत्र तेजस्वी प्रण
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Patna. पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है। इस घोषणापत्र के कवर पेज पर महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव की तस्वीर प्रमुख रूप से छपी है। इस मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी मौजूद रहे।


महागठबंधन ने इस घोषणा पत्र में रोजगार, शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर विशेष जोर दिया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता के सपनों को साकार करने के लिए यह घोषणापत्र नहीं, बल्कि एक प्रण है। इसमें हर घर में सरकारी नौकरी देने का वादा दोहराया गया है, साथ ही जीविका और संविदा कर्मियों को स्थायी करने का भरोसा भी दिया गया है। इसके अलावा ‘माई-बहिन योजना’ को भी इसमें शामिल किया गया है, जिसके तहत महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी।
महागठबंधन की ओर से कहा गया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि राज्य में किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई कृषि नीति लागू की जाएगी और छोटे व्यापारियों के लिए आसान ऋण सुविधा दी जाएगी। रोजगार सृजन को लेकर राज्य के हर जिले में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना भी शामिल है।
इससे पहले 23 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया था। उसी कार्यक्रम में मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताया गया था। गहलोत ने यह भी घोषणा की थी कि सरकार बनने पर एक और वर्ग से उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे।
गौरतलब है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर लंबे समय तक असहमति बनी रही थी। अंतिम समय तक 12 सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थे और कोई भी अपने दावे से पीछे हटने को तैयार नहीं था। चुनाव की तारीखें नजदीक आने लगीं तो कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को पटना भेजा, जिन्होंने सभी दलों के बीच समझौता कराया और विवाद सुलझाया। इसके बाद सीट शेयरिंग पर सहमति बनी और अब महागठबंधन ने एकजुट होकर अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है।
घोषणापत्र जारी होने के बाद अब बिहार की राजनीति में मुकाबला और तेज हो गया है। एनडीए पहले ही अपने मुद्दों को जनता के सामने रख चुकी है, वहीं महागठबंधन का यह घोषणापत्र विपक्षी दलों के बीच नई रणनीतिक जंग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घोषणापत्र बिहार के युवाओं और किसानों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
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