भारत
बड़ी खबर हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी, एक क्लिक में जानें सब कुछ
jantaserishta.com
30 May 2024 9:58 AM IST

x
नई दिल्ली: बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बुधवार को स्वास्थ्य बीमा पर एक मूल परिपत्र (Master Circular) जारी करते हुए साफ कर दिया है कि बीमा कंपनी को अनुरोध के एक घंटे के भीतर नकदी-रहित इलाज की अनुमति देने पर निर्णय लेना होगा. इरडा ने एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य बीमा उत्पादों पर मास्टर परिपत्र ने पहले जारी किए गए 55 परिपत्रों को निरस्त कर दिया है और यह पॉलिसीधारकों के सशक्तीकरण और समावेशी स्वास्थ्य बीमा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है.
बीमा नियामक ने कहा, “परिपत्र में बीमाधारक/संभावितों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य बीमा नीति में पात्रताओं को उनके आसान संदर्भ के लिए एक स्थान पर लाया गया है और साथ ही स्वास्थ्य बीमा खरीदने वाले पॉलिसीधारक को निर्बाध, तेज दावा अनुभव प्रदान करने और स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में उन्नत सेवा मानकों को सुनिश्चित करने के उपायों पर जोर दिया गया है.”
इसमें कहा गया है कि कैशलेस प्राधिकरण अनुरोधों पर तुरंत और एक घंटे के भीतर निर्णय लेना और अस्पताल से अनुरोध के तीन घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी मिलने पर अंतिम सैटलमेंट देना होगा.
हेल्थ इंश्योरेंस में कैशलेस भुगतान के लिए पहले काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब ये हास्पिटल से डिसचार्ज रिक्वेस्ट (Discharge Request) की रिसीप्ट मिलने के तीन घंटे के अंदर ही हो जायेगा. 29 मई 2024 को बीमा नियामक IRDAI द्वारा जारी किए गए सर्कुलर (Circular) में कहा गया है कि हर हाल में बीमा धारक को हास्पिटल से डिसचार्ज रिक्वेस्ट प्राप्त होने के तीन घंटे के भीतर उसके द्वारा किए गए क्लेम (Claim) का कैशलेस भुगतान हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को करना होगा.
इसके साथ ही किसी भी स्थिति में अस्पताल से छुट्टी मिलने तक इंतजार बीमा धारक को नहीं करना पड़ेगा. यदि तीन घंटे से ज्यादा की देरी होती है, तो फिर ऐसी स्थिति में अस्पताल द्वारा लिया गया कोई भी अतिरिक्त चार्च बीमा कंपनी द्वारा शेयरधारक के फंड किया जाएगा.
इरडाई (IRDAI) ने साफ तौर पर अपने मास्टर सर्कुलर (Master Circular) में कहा है कि नए दिशा-निर्देशों के तहत अगर किसी स्वास्थ बीमा धारक की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो जाती है, तो फिर इस स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी (Insurance Firm) को क्लेम के भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल शुरु करना होगा. यही नहीं इसके साथ ही मृतक के पार्थिव शरीर को भी अस्पताल से भी जल्दी निकालना होगा.
वही आपातकालीन (Emergency) मामलों के लिए भी बीमा नियामक ने नियमों में बदलाव किया है. बीमाकर्ता को अनुरोध (Request) प्राप्त होने के एक घंटे के भीतर बीमा कंपनी को कैशलेस भुगतान पर तुरंत निर्णय लेना होगा. इसके साथ ही IRDAI ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि इस काम को वो 31 जुलाई 2024 तक पूरा करें, साथ ही लोगों की सुविधा के लिए के लिए बीमा कंपनियां हास्पिटल में हो सके, तो एक डेस्क (Help Desk) भी बनाएं ताकि कौशलेस भुगतान की प्रक्रिया (Cashless Payment Process) को आसान बनाया जा सके.
Tagsबीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरणबीमा कंपनीबीमाहेल्थ इंश्योरेंसInsurance Regulatory and Development AuthorityInsurance CompanyInsuranceHealth Insurance
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





