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तंबाकू शेयर चमकने के आसार
Delhi दिल्ली: केंद्र सरकार ने अविनिर्मित तंबाकू और इससे जुड़े कुछ उत्पादों पर लगने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty Cut) हटा दिया है। सरकार की ओर से 1 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, बिना ब्रांड नाम वाले और खुदरा बिक्री के लिए पैक न किए गए अविनिर्मित तंबाकू उत्पादों पर अब शून्य उत्पाद शुल्क लागू होगा। इससे पहले इन उत्पादों पर 18 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगती थी। सरकार के इस फैसले को असंगठित क्षेत्र के तंबाकू किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने अविनिर्मित तंबाकू पर उत्पाद शुल्क के ढांचे को दो श्रेणियों में तर्कसंगत किया है। पहली श्रेणी में वे तंबाकू उत्पाद शामिल हैं, जो न तो ब्रांडेड हैं और न ही खुदरा बिक्री के लिए पैक किए गए हैं। ऐसे सभी उत्पादों पर अब कोई उत्पाद शुल्क नहीं लगेगा। दूसरी ओर, ब्रांडेड अविनिर्मित तंबाकू, खुदरा बिक्री के लिए पैक किए गए तंबाकू और तंबाकू अपशिष्ट पर पहले की तरह 18 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लागू रहेगा।
इस फैसले के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या इसका असर तंबाकू से जुड़ी बड़ी कंपनियों और उनके शेयरों पर देखने को मिल सकता है। इस पर CMS INDUSLAW के पार्टनर शशि मैथ्यूज का कहना है कि इस बदलाव से आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips) जैसी बड़ी कंपनियों पर किसी तरह का प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि यह छूट केवल बिना ब्रांड वाले और खुदरा बिक्री के लिए पैक न किए गए असंसाधित तंबाकू और तंबाकू अपशिष्ट पर लागू होती है, जबकि बड़ी तंबाकू कंपनियां मुख्य रूप से ब्रांडेड और रिटेल पैक्ड तंबाकू उत्पादों का कारोबार करती हैं।
मैथ्यूज के अनुसार, चूंकि इन कंपनियों के उत्पाद इस छूट के दायरे में नहीं आते, इसलिए उनके ऑपरेशनल खर्च, लागत संरचना या मुनाफे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसी वजह से तंबाकू कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन पर भी इस फैसले का कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं जताई जा रही है। वहीं, BDO इंडिया के पार्टनर और इनडायरेक्ट टैक्स (उत्तर और पश्चिम) के प्रमुख ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से छोटे सप्लायर्स और व्यापारी सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। ऐसे कारोबारी जो बिना किसी ब्रांड नाम के थोक में असंसाधित तंबाकू का व्यापार करते हैं, उन्हें अब 18 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी से राहत मिलेगी। इसके साथ ही बिना ब्रांड और खुदरा बिक्री के लिए पैक न किए गए तंबाकू या तंबाकू अपशिष्ट के आयात पर भी सीमा शुल्क में राहत दी जाएगी, क्योंकि इस पर लगने वाला कस्टम ड्यूटी केंद्रीय उत्पाद शुल्क के बराबर होती है।
किंग स्टब एंड कासिवा के पार्टनर आदित्य भट्टाचार्य ने बताया कि सरकार ने टैरिफ हेडिंग 2401 के तहत अविनिर्मित तंबाकू और तंबाकू अपशिष्ट पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को लेकर स्पष्ट विभाजन किया है। यह संशोधन बिना ब्रांडिंग वाले थोक तंबाकू और ब्रांडेड या वाणिज्यिक एवं खुदरा उपयोग के लिए बने तंबाकू उत्पादों के बीच साफ अंतर करता है और लंबे समय से चली आ रही अस्पष्टता को दूर करता है। कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम छोटे तंबाकू कारोबारियों और किसानों के लिए राहत भरा है, जबकि बड़ी तंबाकू कंपनियों और उनके शेयरों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है।
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