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IRGC पर US का बड़ा प्रहार
Delhi दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं। दावों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी हिस्सों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई के दौरान ईरान के कई क्षेत्रों में धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई है।
US Forces hit back after Iran attacked US base in Jordan yesterday
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) September 1, 2026
Just a while ago, US forces launched a massive airstrikes against IRGC targets across Southern Iran. Multiple explosions heard in Qeshm island, Bandar Abbas, Chabahar and Konarak port. pic.twitter.com/zdqdo0V0VL
जानकारी के मुताबिक, क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, चाबहार और कोनारक बंदरगाह क्षेत्रों में कई विस्फोटों की सूचना मिली है। हालांकि, हमलों की पूरी पुष्टि और नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद बताई जा रही है जिसमें जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया था। इस हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सैन्य हमले का जवाब दिया जाएगा और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, ईरान की ओर से इन हमलों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
US forces began conducting military strikes against Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) targets inside Iran on Tuesday at 12 p.m. ET, according to an official statement released by US Central Command (CENTCOM) via X.
— Roya News English (@RoyaNewsEnglish) September 1, 2026
Live updates: https://t.co/76kswBmL4z pic.twitter.com/nqzwhXUb72
मध्य पूर्व में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से राजनीतिक और सैन्य तनाव रहा है। दोनों देशों के बीच किसी भी बड़े सैन्य टकराव की आशंका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है। IRGC ईरान की एक प्रमुख सैन्य और सुरक्षा संस्था है, जिसे लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ लंबे समय से मतभेद रहे हैं। अमेरिका पहले भी IRGC से जुड़े संगठनों और गतिविधियों पर कार्रवाई कर चुका है।
अगर अमेरिकी हमलों की पुष्टि होती है, तो यह मध्य पूर्व में तनाव बढ़ाने वाली बड़ी घटना मानी जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में क्षेत्रीय सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह कार्रवाई सीमित सैन्य जवाब तक रहती है या क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है।
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