भारत

BIG BREAKING: प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टेलीफोन वार्ता

Shantanu Roy
9 Oct 2025 10:34 PM IST
BIG BREAKING: प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टेलीफोन वार्ता
x
बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार को टेलीफोन पर महत्वपूर्ण वार्ता हुई। वार्ता के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने इजरायल और हमास के बीच चल रही 20 सूत्री गाजा शांति योजना के पहले चरण की सफलता पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर साझा किए गए पोस्ट में कहा कि उन्होंने ट्रंप को इस ऐतिहासिक शांति पहल की सफलता पर बधाई दी।
मोदी और ट्रंप ने वार्ता में भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में हुई प्रगति की समीक्षा भी की। दोनों नेताओं ने इस संबंध में आने वाले हफ्तों में लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री का यह पोस्ट अमेरिकी राष्ट्रपति के गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति की घोषणा के कुछ घंटों बाद आया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर साझा किए गए संदेश में कहा कि इजरायल और हमास दोनों ने अमेरिका की मध्यस्थता वाली शांति योजना के पहले चरण पर सहमति व्यक्त कर दी है। इसके साथ ही फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध समाप्त होने की संभावना बन गई है। ट्रंप ने लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारी मध्यस्थता वाली शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका मतलब है कि सभी इजरायली बंधकों को जल्द ही रिहा किया जाएगा और इजरायल अपने सैनिकों को एक निश्चित सीमा तक वापस बुलाएगा। यह गाजा में एक मजबूत, टिकाऊ और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने कतर, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व शांति समझौते को संभव बनाने में योगदान दिया। ट्रंप ने इसे एक "महान दिन" बताया और शांति प्रयासों में लगे सभी शांतिदूतों की सराहना की।
यह ऐतिहासिक समझौता इजरायल पर हमास के हमले की दूसरी बरसी के ठीक एक दिन बाद हुआ। याद रहे कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर धावा बोला था और इस हमले में 1200 से अधिक नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा, 350 से अधिक नागरिकों का अपहरण भी किया गया था, जिनमें ज्यादातर इजरायली और कुछ विदेशी नागरिक शामिल थे।
इजरायल ने इस हमले का जवाब 'आपरेशन स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन' के तहत दिया। इस ऑपरेशन में गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमले किए गए, जिससे गाजा में तबाही फैल गई। दो साल से अधिक समय तक चले इस संघर्ष में इजरायल ने गाजा को मलबे में बदल दिया। इस संघर्ष के दौरान गाजा में 60 हजार से अधिक लोग मारे गए और क्षेत्रीय नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की टेलीफोन वार्ता के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि भारत और अमेरिका शांति प्रक्रिया और सुरक्षा मामलों में एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे। इसके अलावा दोनों नेताओं ने व्यापारिक सहयोग, निवेश, तकनीकी साझेदारी और आर्थिक रणनीतियों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश आने वाले समय में निवेश और तकनीकी क्षेत्र में और प्रगति करेंगे।
मोदी और ट्रंप ने यह भी सहमति जताई कि दोनों देशों के संबंधित विभाग नियमित रूप से व्यापारिक, सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इस वार्ता का मकसद केवल गाजा शांति योजना की सफलता का जश्न मनाना नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों और क्षेत्रीय स्थिरता में दोनों देशों की भूमिका को मजबूत करना भी था।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह टेलीफोन वार्ता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मध्यपूर्वीय शांति प्रयासों में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। यह पहला मौका है जब गाजा शांति योजना के पहले चरण की सफलता पर दोनों महाशक्तियों के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से समर्थन और बधाई दी। गाजा शांति योजना के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई, इजरायल सैनिकों की वापसी और इलाके में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को प्राथमिकता दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर योजना का दूसरा चरण भी सफल रहता है, तो यह पूरे मध्यपूर्वीय क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत इस शांति पहल का समर्थन करता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि शांति, सहयोग और परस्पर समझ ही वैश्विक समृद्धि और स्थिरता के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। इस टेलीफोन वार्ता से यह स्पष्ट हुआ कि भारत-अमेरिका संबंध केवल आर्थिक और तकनीकी नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच यह रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में नई दिशा दे सकती है।
Next Story