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BIG BREAKING: मोदी कैबिनेट में हलचल, एल. मुरुगन ने दिया इस्तीफा

Shantanu Roy
13 Oct 2026 6:59 PM IST
BIG BREAKING: मोदी कैबिनेट में हलचल, एल. मुरुगन ने दिया इस्तीफा
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New Delhi. नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्रिपरिषद फेरबदल की अटकलों के बीच मंगलवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि अब वह अपना पूरा समय तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगाना चाहते हैं। मुरुगन के इस फैसले के बाद राष्ट्रीय राजनीति के साथ तमिलनाडु की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। अब वह फिर से जमीनी स्तर की राजनीति में सक्रिय होकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काम करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को लिखी भावुक चिट्ठी
एल. मुरुगन ने अपने पत्र में राजनीतिक जीवन, पारिवारिक संघर्ष और भाजपा संगठन से जुड़ाव का विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान केंद्र सरकार में काम करना उनके लिए गौरव का विषय रहा है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। अब वह उस काम की ओर लौटना चाहते हैं, जिसने उन्हें सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करना और राज्य में 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना उनकी प्राथमिकता होगी।


दिहाड़ी मजदूर के बेटे से केंद्रीय मंत्री बनने तक का सफर
एल. मुरुगन ने अपने पत्र में अपने परिवार के संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनका जन्म किसी राजनीतिक या संपन्न परिवार में नहीं हुआ था। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे और मवेशी चराकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। मुरुगन के मुताबिक, उनका परिवार आज भी तमिलनाडु के कोनूर गांव में साधारण जीवन व्यतीत कर रहा है। उनके माता-पिता ने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनका बेटा एक दिन भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री बनेगा। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भाजपा की संगठनात्मक व्यवस्था को दिया। मुरुगन ने कहा कि भाजपा में सामान्य परिवार से आने वाले और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

कॉलेज के दिनों से राजनीति में सक्रिय रहे मुरुगन
एल. मुरुगन ने कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद वह भाजपा और उससे जुड़े संगठनों में सक्रिय रहे। करीब तीन दशकों के राजनीतिक सफर में उन्होंने संगठन के विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाईं। उनके मुताबिक, इस दौरान उनका मूल सिद्धांत राष्ट्र को सर्वोपरि रखना, उसके बाद पार्टी और अंत में स्वयं को महत्व देना रहा है। मुरुगन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने तमिलनाडु भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है। वह दो बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। केंद्र सरकार में उन्होंने सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी से जुड़े मंत्रालयों में जिम्मेदारियां निभाईं।

तमिलनाडु के विकास कार्यों का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में मुरुगन ने तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने चेन्नई मेट्रो परियोजना, तूतीकोरिन बंदरगाह के विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 26 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का उल्लेख किया। मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु से जुड़े विभिन्न मामलों में सहयोग किया है। उन्होंने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भारतीय मछुआरों के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना की। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार में काम करने के दौरान उन्हें तमिलनाडु के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम करने का अवसर मिला।
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