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BIG BREAKING: पुरी रथ यात्रा में भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत, 200 लोग घायल

Shantanu Roy
16 July 2026 7:51 PM IST
BIG BREAKING: पुरी रथ यात्रा में भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत, 200 लोग घायल
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Bhubaneswar. भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी में गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा उत्सव के दौरान कथित भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत की खबर सामने आई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक श्रद्धालु की मौत या भगदड़ जैसी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान मरीचि कुंड चौक के पास अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एक श्रद्धालु ने बताया कि बाहरी घेरे की रस्सी वाली बैरिकेडिंग गिर गई या फिर कुछ श्रद्धालु भीड़ के दबाव के कारण अपना संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए।

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, इस दौरान करीब 40 से 50 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए, जिससे कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कई लोगों को भीड़ से बाहर निकालकर एंबुलेंस और अस्पताल तक पहुंचाया गया। श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने स्वयं करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की दम घुटने के कारण मौत हो गई है।

वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और लगातार बारिश के बीच करीब 200 लोगों को घुटन, चोट और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। पुरी में रथ यात्रा देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे। हर साल आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। गुरुवार को पवित्र तटीय शहर में रथ यात्रा की शुरुआत निर्धारित समय से पहले ही भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए आयोजित ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ हुई।


रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा राहत टीमों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद भारी भीड़ और मौसम की स्थिति के कारण कुछ स्थानों पर दबाव की स्थिति बन गई। पुरी में तैनात फायर और इमरजेंसी सर्विस के आईजी डॉ. उमाशंकर डैश ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहली बार 25 स्पेशल रेस्क्यू यूनिट तैनात की गई थीं। प्रत्येक यूनिट में पांच प्रशिक्षित सदस्य और आधुनिक बचाव उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीमों ने अब तक करीब 100 लोगों को भीड़ में दबने और दम घुटने जैसी परेशानी से बचाया है। बचाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्थायी अस्पतालों और एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि रथ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन द्वारा सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर व्यवस्था की जा सके। पुरी रथ यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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