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BIG BREAKING: एक्टर विजय की रैली में भगदड़, 20 लोगों की मौत की आशंका

Shantanu Roy
27 Sept 2025 9:25 PM IST
BIG BREAKING: एक्टर विजय की रैली में भगदड़, 20 लोगों की मौत की आशंका
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Tamil Nadu. तमिलनाडु। करुर में आयोजित टीवीके (टीम विजय कझगम) रैली में आज सुबह भारी भीड़ और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिससे कई लोग और कार्यकर्ता बेहोश हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और बेहोश हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। विशेष रूप से, कई बच्चों को भी बेहोशी के कारण भर्ती करना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भगदड़ में लगभग 20 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।


घटना तब हुई जब टीवीके प्रमुख विजय करुर में अपनी रैली को संबोधित कर रहे थे। भीड़ का आकार इतना बड़ा था कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो गया। विजय ने अपने भाषण को बीच में रोककर कार्यकर्ताओं को पानी की बोतलें वितरित की और भीड़ से एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनाने का आग्रह किया। रैली स्थल पर अफरा-तफरी मचने के कारण पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस कार्रवाई के दौरान भीड़ को तितर-बितर किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए। रैली के दौरान एक 9 साल की बच्ची लापता हो गई, जिसे खोजने के लिए विजय ने कार्यकर्ताओं से मदद मांगी।
विजय ने रैली में पूर्व DMK मंत्री सेंथिल बालाजी की ओर इशारा करते हुए तंज भी किया। उन्होंने सीधे नाम लिए बिना DMK की आलोचना की कि उन्होंने करुर में हवाई अड्डा बनाने का वादा किया था, लेकिन इसे केंद्र सरकार पर टाल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में अगले छह महीनों में सत्ता बदल सकती है, जो कि उनके 2026 विधानसभा चुनाव अभियान का हिस्सा है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने तुरंत स्थिति नियंत्रण में ली। पुलिस और रैली आयोजक बेहोश हुए लोगों और बच्चों की सुरक्षा के लिए सक्रिय हुए। रैली स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, लेकिन अधिकारियों की सक्रियता से रैली बिना किसी और बड़ी बाधा के समाप्त कराई गई।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि करुर से जो खबरें मिल रही हैं, वे गंभीर और चिंता जनक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़ में फंसे और बेहोश हुए लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कर उनकी मेडिकल मदद की जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी, मंत्री सुब्रमणियन एमए, और जिला कलेक्टर से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सीएम स्टालिन ने यह भी कहा कि पड़ोसी तिरुचिरापल्ली जिले के मंत्री अंबिल महेश को भी जरूरी मदद के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने ADGP से बात कर स्थिति को जल्दी नियंत्रित करने और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे डॉक्टरों और पुलिस के साथ सहयोग करें, ताकि आपात स्थिति में मदद जल्दी पहुंच सके और नुकसान कम से कम हो।
स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने लगे। रैली आयोजकों और पुलिस अधिकारियों ने तुरंत भीड़ को नियंत्रित किया, लेकिन इसके बावजूद कई लोग घायल और बेहोश हो गए।
विजय ने रैली में कहा कि उनके दल का उद्देश्य जनता के बीच सशक्त राजनीतिक संवाद और जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि रैली का मुख्य संदेश जनता को श्रमिकों, किसानों और युवाओं के अधिकारों के प्रति सजग करना था। हालांकि भगदड़ के कारण यह मुख्य उद्देश्य थोड़ी देर के लिए प्रभावित हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ और भगदड़ का कारण रैली स्थल पर भारी संख्या में लोग और उचित मार्गदर्शन की कमी थी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी रैलियों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि कोई अप्रिय घटना दोबारा न हो।
इस घटना ने तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक आयोजनों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के महत्व को उजागर किया है। अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन 20 मौतों की आशंका और घायल लोगों की संख्या से यह स्पष्ट है कि बड़े जनसमूह वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।
इस प्रकार, करुर में हुई टीवीके रैली में भगदड़ और अफरा-तफरी ने राज्य की राजनीतिक गतिविधियों के दौरान सुरक्षा और आपात प्रबंधन की चुनौती को उजागर किया। प्रशासन और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन यह घटना तमिलनाडु में आगामी चुनावों में भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर बहस को जन्म देगी।
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