भारत

BIG BREAKING: श्रीनगर एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

Shantanu Roy
29 Aug 2025 7:39 PM IST
BIG BREAKING: श्रीनगर एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
x
बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। दिल्ली से श्रीनगर जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-385 को शुक्रवार को एक बड़े तकनीकी अलर्ट के बाद प्रायोरिटी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में अचानक केबिन प्रेशर की चेतावनी मिलने के बाद कप्तान ने तुरंत श्रीनगर एयरपोर्ट से आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी। अधिकारियों के मुताबिक फ्लाइट में 4 बच्चों सहित 205 यात्री और 7 क्रू सदस्य सवार थे। गनीमत यह रही कि विमान को सुरक्षित श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतार लिया गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बाहर आ गए।
तेज़ी से नीचे आया विमान
सूत्रों के अनुसार स्पाइसजेट की फ्लाइट जैसे ही श्रीनगर एयरपोर्ट के पास पहुंची, उस दौरान अचानक केबिन प्रेशर की चेतावनी मिली। इसके बाद विमान तेज़ी से नीचे आने लगा और पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से तुरंत प्रायोरिटी लैंडिंग की इजाज़त मांगी। विमान को सुरक्षित दोपहर 3:27 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतारा गया।
यात्रियों को नहीं हुई कोई परेशानी
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में न तो यात्रियों और न ही चालक दल को किसी तरह की चोट लगी। किसी भी यात्री ने चिकित्सा सहायता की मांग नहीं की। सभी को सामान्य तरीके से विमान से बाहर निकाला गया। एयरपोर्ट पर एहतियातन मेडिकल और फायर यूनिट्स पहले से तैनात कर दी गई थीं।
स्पाइसजेट का आधिकारिक बयान
इस घटना पर स्पाइसजेट ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा – “दिल्ली से श्रीनगर जा रही हमारी फ्लाइट SG-385 में अप्रोच के दौरान केबिन एल्टीट्यूड वॉर्निंग मिली। इसके बाद विमान कुछ देर के लिए तेज़ी से नीचे आया। क्रू ने तय प्रोटोकॉल के अनुसार सभी ज़रूरी जांचें कीं और कप्तान ने एहतियातन प्रायोरिटी लैंडिंग की अनुमति मांगी। विमान सुरक्षित श्रीनगर उतरा। सभी यात्री और क्रू पूरी तरह सुरक्षित बाहर आ गए।”
केबिन प्रेशर क्या होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी विमान के ऊंचाई पर उड़ान भरने के दौरान उसकी केबिन प्रेशर सिस्टम सबसे अहम होता है। यह सिस्टम विमान के अंदर हवा के दबाव को संतुलित रखता है, ताकि यात्री और क्रू सामान्य रूप से सांस ले सकें।
जब इस सिस्टम में कोई गड़बड़ी होती है तो केबिन एल्टीट्यूड वॉर्निंग एक्टिव हो जाती है।
चेतावनी मिलने पर विमान के भीतर ऑक्सीजन मास्क अपने आप नीचे आ जाते हैं।
इसके बाद पायलट को विमान को तुरंत नीचे लाना पड़ता है ताकि यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी न हो।
हालांकि, इस बार ऐसी नौबत नहीं आई और विमान सुरक्षित रूप से उतार लिया गया।
विमान का निरीक्षण जारी
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, फ्लाइट को सुरक्षित उतारने के बाद विमान को रनवे से हटाकर खड़ा कर दिया गया और तकनीकी निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। इंजीनियरिंग टीम यह जांच कर रही है कि आखिर किस कारण से केबिन प्रेशर अलार्म एक्टिव हुआ। जब तक तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती, विमान को दोबारा उड़ान के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद कुछ यात्रियों ने राहत की सांस ली। एक यात्री ने कहा – “जब विमान अचानक नीचे आने लगा तो कुछ पल के लिए डर का माहौल बन गया, लेकिन क्रू ने हमें लगातार आश्वस्त किया। सुरक्षित उतरने के बाद अब सब ठीक है।”
स्पाइसजेट की सुरक्षा पर उठे सवाल
हालांकि घटना में सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बार-बार होने से यात्रियों के मन में सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में स्पाइसजेट को कई बार तकनीकी खराबियों और इमरजेंसी लैंडिंग की वजह से सुर्खियों में आना पड़ा है। एविएशन से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह घटना भले ही बड़ी दुर्घटना में नहीं बदली, लेकिन एयरलाइन कंपनियों को अपने विमानों के रखरखाव पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
DGCA की जांच संभव
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ऐसी घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेता है। माना जा रहा है कि DGCA इस मामले की भी जांच करेगा और रिपोर्ट मांगेगा। इसके बाद तय होगा कि विमान में कोई गंभीर तकनीकी कमी थी या यह सिर्फ अलार्म सिस्टम की गड़बड़ी थी।
Next Story