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New Delhi/Zagreb. नई दिल्ली/जाग्रेब। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी तीन देशों की राजनयिक यात्रा के अंतिम चरण में सोमवार को क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब पहुंचे। इससे पहले उन्होंने कनाडा के कनानास्किस में 51वें G7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। तीन देशों की यह यात्रा भारत की आर्थिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाती है, जिसमें भारत वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives in Zagreb, Croatia, the last leg of his three-nation tour, after concluding his visit to Canada's Kananaskis, where he attended the 51st G7 Summit.
— ANI (@ANI) June 18, 2025
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/tBqmfNLrb1
G7 शिखर सम्मेलन में भारत की सक्रिय भूमिका
कनाडा के कनानास्किस में आयोजित 51वें G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान उन्होंने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने विकासशील देशों की चिंताओं को सामने रखते हुए वैश्विक साझेदारी की आवश्यकता को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सिक्योरिटी पर भारत के अनुभव साझा किए और वैश्विक सहयोग का आह्वान किया। इसके अलावा, भारत की ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ की सोच को भी उन्होंने सम्मेलन में प्रमुखता से रखा, जिसे कई देशों के नेताओं ने सराहा।
क्रोएशिया में द्विपक्षीय वार्ताएं संभावित
प्रधानमंत्री मोदी के क्रोएशिया पहुंचने के बाद वहां भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ज़ाग्रेब में उनके कई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ताओं में भाग लेने की संभावना है, जिसमें व्यापार, निवेश, संस्कृति और तकनीकी सहयोग जैसे विषय शामिल हैं। भारत और क्रोएशिया के बीच संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं और यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान भारत-क्रोएशिया व्यापार परिषद की बैठक भी संभावित है, जहां दोनों देशों के उद्योगपतियों और निवेशकों के बीच संवाद होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले सकते हैं जो भारत-क्रोएशिया सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेंगे।
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