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BIG BREAKING: किसानों के मार्च पर सख्ती, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
Shantanu Roy
19 March 2025 10:27 PM IST

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Punjab. पंजाब। पंजाब पुलिस ने बुधवार को किसान नेताओं जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर को मोहाली में हिरासत में ले लिया. इस दौरान किसानों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, जब किसान खनौरी और शंभू सीमा बिंदुओं की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे. इन दोनों स्थानों पर किसान 13 फरवरी 2023 से प्रदर्शन कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक शंभू और खनौरी दोनों स्थानों पर लगभग 3000 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं. खनौरी सीमा पर 200 किसानों को हिरासत में लिया गया है, जबकि शंभू सीमा पर लगभग 300 किसान मौजूद हैं, जिन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जा सकता है. किसानों और पुलिस के बीच झड़प के बाद, खनौरी सीमा और आसपास के संगरूर और पटियाला जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. इसके अलावा भी पंजाब के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.
#WATCH | Punjab Police demolished the tents erected by farmers at the Punjab-Haryana Shambhu Border, where they were sitting on a protest over various demands.
— ANI (@ANI) March 19, 2025
The farmers are also being removed from the Punjab-Haryana Shambhu Border. pic.twitter.com/TzRZKEjvXD
पंजाब पुलिस ने पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर किसानों द्वारा लगाए गए टेंट को ध्वस्त कर दिया, जहां वे विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे. पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर से भी किसानों को हटाया जा रहा है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "किसानों पर साजिश के तहत हमला किया जा रहा है. सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि पूरा किसान समुदाय आज बड़े हमले का सामना कर रहा है. आज (चंडीगढ़ में) एक बैठक हुई जिसमें तय हुआ कि अगले दौर की वार्ता 4 मई को होगी लेकिन उन (किसानों) पर पीछे से हमला किया गया और उन्हें धोखा दिया गया. सड़क सरकार ने रोकी है, किसानों ने नहीं. वे (किसान) दिल्ली आना चाहते हैं." कार्रवाई पर पटियाला के एसएसपी नानक सिंह ने बताया कि किसान लंबे समय से शंभू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने उन्हें उचित चेतावनी देने के बाद इलाके को खाली करा दिया. कुछ लोगों ने घर जाने की इच्छा जताई. इसलिए उन्हें बस में बैठाकर घर भेज दिया गया.
एसएसपी ने बताया कि इसके अलावा, यहां के ढांचे और वाहनों को हटाया जा रहा है. पूरी सड़क को साफ कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. हरियाणा पुलिस भी अपनी कार्रवाई शुरू करेगी. जैसे ही उनकी तरफ से रास्ता खुलेगा, हाईवे पर आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी. हमें कोई बल प्रयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि कोई विरोध नहीं हुआ. किसानों ने अच्छा सहयोग किया और वे खुद ही बसों में बैठ गए. किसानों को हिरासत में लिए जाने के बाद बॉर्डरों पर और अधिक संख्या में किसान पहुंचने लगे हैं. किसान संगठनों ने किसानो से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या मे खनौरी बॉडर पर पहुंचें. किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने किसानों द्वारा बनाए गए अस्थायी मंच से पंखे हटा दिए, जहां वे विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे.
चंडीगढ़ में किसान नेताओं और केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. यह बैठक तीन घंटे से अधिक चली, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित को सर्वोपरि बताया. उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही, और अगली बैठक 4 मई को होगी. बैठक के तुरंत बाद, जब किसान नेता चंडीगढ़ से मोहाली पहुंचे, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. इस दौरान सरवन सिंह पंधेर, जगजीत सिंह डल्लेवाल, अभिमन्यु कोहर, काका सिंह कोटरा और मंजीत सिंह राय को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर भी भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है. जानकारी के मुताबिक सरकार ने शंभू और खनौरी बॉर्डर को खाली कराने की रणनीति बनाई है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई. ये सभी नेता किसानों की मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं.
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