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BIG BREAKING: संसद में पीएम मोदी की उच्चस्तरीय बैठक

Shantanu Roy
30 July 2026 2:04 PM IST
BIG BREAKING: संसद में पीएम मोदी की उच्चस्तरीय बैठक
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New Delhi. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सहित कई वरिष्ठ नेता एवं अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक विषयों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
इसी बीच संसद के मानसून सत्र का गुरुवार का दिन भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में कई अहम विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की तैयारी की गई है। सरकार की ओर से न्यायपालिका, परीक्षा प्रणाली और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की योजना है। लोकसभा में सबसे प्रमुख कार्य सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और उसे पारित कराना रहेगा। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या से जुड़े प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इससे पहले विपक्ष के कुछ सांसदों ने इस विषय पर लाए गए अध्यादेश को अस्वीकार करने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर भी सदन में चर्चा होगी।
सांसद सौगत राय, एन.के. प्रेमचंद्रन और डीन कुरियाकोस द्वारा लाए गए प्रस्ताव में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को निरस्त करने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सरकार संशोधन विधेयक को सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस देखने को मिल सकती है। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान शहरी कार्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े विभिन्न दस्तावेज भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा विदेश मामलों से संबंधित संसदीय स्थायी समिति की दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएंगी। पहली रिपोर्ट भारत की आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भूमिका, वैज्ञानिक गतिविधियों और भविष्य की रणनीति से संबंधित है। दूसरी रिपोर्ट भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य तथा समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करती है।
दिन की कार्यवाही में नियम 377 के तहत सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी सदन में उठाएंगे। यह प्रक्रिया सांसदों को स्थानीय और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का अवसर प्रदान करती है। वहीं राज्यसभा में भी गुरुवार का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। संस्कृति, पृथ्वी विज्ञान, संचार, श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विदेश मंत्रालयों से जुड़े मंत्री सदन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की वही दोनों रिपोर्ट भी राज्यसभा के पटल पर रखी जाएंगी, जिन्हें लोकसभा में भी पेश किया जाएगा।
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत संसदीय समितियों की विभिन्न सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण भी सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इन वक्तव्यों के माध्यम से सरकार समितियों की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन की स्थिति से सांसदों को अवगत कराएगी। राज्यसभा में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर होने की संभावना है। यह विधेयक प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, तकनीकी धोखाधड़ी और अन्य अनुचित साधनों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। विधेयक में पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए कड़ी सजा, अधिक आर्थिक दंड, विशेष जांच तंत्र और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा लाखों छात्रों के हितों की रक्षा होगी। हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में सामने आए पेपर लीक मामलों को देखते हुए इस विधेयक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक, 2026 पर भी चर्चा कर उसे पारित कराने की तैयारी है। इस संशोधन का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, कारोबार को आसान करना और छोटे उद्योगों को नई नीतिगत सुविधाएं उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा ने बुधवार को लंबी और तीखी बहस के बाद लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया था। इस दौरान परीक्षा सुधार, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जबकि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नया कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा। उनके जवाब के बाद विधेयक को लोकसभा से मंजूरी मिल गई और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्यसभा में पेश किया जाएगा। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम सीसीएस बैठक हो रही है, वहीं दूसरी ओर संसद में न्यायपालिका, परीक्षा सुधार और एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने जा रही है। ऐसे में गुरुवार का दिन सरकार और संसद, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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