भारत

BIG BREAKING: लालू यादव के करीबी की गोली मारकर हत्या, फैली सनसनी

Shantanu Roy
30 Oct 2025 7:02 PM IST
BIG BREAKING: लालू यादव के करीबी की गोली मारकर हत्या, फैली सनसनी
x
बड़ी खबर
Mokama. मोकामा। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा में गुरुवार (30 अक्टूबर) को राजनीतिक हिंसा की चिंगारी भड़क उठी। जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी उर्फ लल्लू मुखिया के काफिले पर अज्ञात हमलावरों ने धावा बोल दिया। इस हमले में उनके चाचा दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना मोकामा विधानसभा क्षेत्र के घोसवरी इलाके की है, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया है।

काफिले पर अचानक हुआ हमला, गोली लगते ही ढेर हुए दुलारचंद यादव
गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जनसुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी का काफिला घोसवरी के पास से गुजर रहा था। उसी दौरान कथित रूप से अनंत सिंह के समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। जनसुराज नेताओं के मुताबिक “हमारे प्रत्याशी की गाड़ी अनंत सिंह की गाड़ी के ठीक पीछे चल रही थी। अचानक उनके समर्थक गाड़ियों से उतरे और लाठी-डंडों, रॉड और हथियारों से हमला कर दिया। गोली चलने से दुलारचंद यादव मौके पर गिर पड़े, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है, जबकि पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।

मृतक दुलारचंद यादव का राजनीतिक वर्चस्व
दुलारचंद यादव मोकामा-टाल क्षेत्र की राजनीति में प्रभावशाली नाम थे। वह एक समय राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े रहे और लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ थी और सामाजिक-जातीय समीकरणों को समझने के लिए राजनीतिक दल उनकी राय को अहमियत देते थे। हालांकि, इस बार के विधानसभा चुनाव 2025 में उन्होंने जनसुराज आंदोलन के पक्ष में खुलकर समर्थन किया था और जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। बताया जाता है कि उन्होंने पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनावी गीत तक रिकॉर्ड करवाया था, जिसमें उन्होंने अनंत सिंह के विरुद्ध तीखी टिप्पणी की थी।

अनंत सिंह के समर्थकों पर लगा हमला करने का आरोप
जनसुराज कार्यकर्ताओं ने चर्चित बाहुबली नेता और एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह हमला राजनीतिक रंजिश और चुनावी वर्चस्व की लड़ाई के कारण किया गया। पीयूष प्रियदर्शी ने मीडिया से कहा “हम पर हमला पूरी तरह से साजिशन कराया गया है। हमारे कार्यकर्ता और समर्थक निशाने पर हैं। अनंत सिंह के लोगों ने निहत्थे कार्यकर्ताओं पर गोली चलाई, जिसमें मेरे चाचा की जान चली गई।”दूसरी ओर, अनंत सिंह के समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनसुराज के लोगों ने पहले उकसाया और झगड़ा बढ़ गया।

घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात
घोसवरी थाने की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रण में लाई। एसएसपी पटना ने बताया कि “पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे और गोली के निशान बरामद किए हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है।” इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। चुनाव आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी है और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

चुनावी माहौल में बढ़ा तनाव, सियासत गरमाई
इस हत्या ने बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल को गरमा दिया है। मोकामा पहले से ही अनंत सिंह जैसे बाहुबलियों के प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है, जहां हर चुनाव में रक्तपात और हिंसा की घटनाएं होती रही हैं। अब इस ताजा हत्या ने विपक्ष को सरकार और प्रशासन पर निशाना साधने का मौका दे दिया है। जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर (PK) ने ट्वीट कर कहा “मोकामा में हमारे साथी के काफिले पर हमला और हमारे कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या लोकतंत्र पर हमला है। बिहार में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।” वहीं, राजद ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि “मोकामा फिर से बाहुबलियों के कब्जे में जा रहा है।”

स्थानीय लोगों में दहशत, चुनाव आयोग के सामने चुनौती
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि अगर चुनाव के बीच में ऐसी घटनाएं होंगी तो आम मतदाता मतदान करने से भी डरेंगे। चुनाव आयोग ने पुलिस से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि “अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” प्रशासन ने कहा है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सियासी बयानबाजी चरम पर
घटना के बाद राज्य की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह हत्या “जनसुराज और अनंत सिंह के बीच आपसी टकराव का नतीजा है,” वहीं कांग्रेस ने इसे “राज्य में कानून व्यवस्था की नाकामी” बताया। इसी बीच, चुनावी माहौल और गर्माते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विवादित बयान ने भी सियासत को और उबाल दिया है। राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर में रैली के दौरान कहा था। “आप उनसे कहो कि हम वोट देंगे, वो स्टेज पर आकर नाच लेंगे।” भाजपा ने इसे “प्रधानमंत्री के अपमान” के तौर पर लिया है और चुनाव आयोग में राहुल गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

मोकामा बना राजनीतिक रणभूमि
बिहार की राजनीति में मोकामा हमेशा बाहुबल, जातीय समीकरण और सत्ता संघर्ष का प्रतीक रहा है। अनंत सिंह जहां इस इलाके में बाहुबली छवि के लिए जाने जाते हैं, वहीं जनसुराज के पीयूष प्रियदर्शी और दुलारचंद यादव जैसे स्थानीय नेता विकास और सामाजिक संतुलन की बात करते रहे हैं। अब इस हत्या ने पूरे चुनावी समीकरण को हिला दिया है। जनसुराज समर्थकों ने साफ कहा है कि वे “दुलारचंद यादव की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे।” पुलिस जांच के साथ-साथ सियासी आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।
Next Story