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BIG BREAKING: ऑपरेशन राइजिंग लॉयन में सैकड़ों ईरानी मारे गए, देखें LIVE VIDEO...
Shantanu Roy
15 Jun 2025 7:06 PM IST

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बड़ी खबर
New Delhi/Tehran. नई दिल्ली/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले लगातार तीसरे दिन भी जारी हैं। रविवार को भी ईरान के कई अहम ठिकानों पर इजरायली लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने हमला किया, जिससे ईरान के रक्षा मंत्रालय समेत कई रणनीतिक और सिविल संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार की रात राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में हुए हमलों ने भयावह रूप ले लिया, जब एक रिहायशी इमारत पर इजरायली मिसाइलों ने सीधा हमला किया, जिसमें 29 बच्चों समेत कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा सैकड़ों घायल हैं। ईरानी मीडिया और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमलों में 80 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय, ऑयल डिपो और रिफाइनरी को निशाना
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इसके साथ ही, मिसाइलों और ड्रोन से ऑयल डिपो, गैस रिफाइनरियों और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर भी हमला किया गया। यह हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार रात एक प्रेस वार्ता में कहा कि “हमला तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की आक्रामक सैन्य संरचनाओं को पूरी तरह नष्ट नहीं कर दिया जाता।” उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि "यह सिर्फ शुरुआत है।"
मध्य ईरान के इसफ़हान में इज़राइली हमला pic.twitter.com/FTFhHiEPdt
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) June 15, 2025
टॉप सैन्य कमांडर्स को निशाना बनाया गया
इजरायली हमले का केंद्रबिंदु ईरान के सैन्य ठिकाने रहे। ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ नामक इस कार्रवाई में इस्फ़हान की मिलिट्री फैसिलिटी, तेहरान के गरमदारेह क्षेत्र में स्थित मिसाइल बेस और पिरानशहर की रडार साइट को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के कम से कम सात शीर्ष सैन्य कमांडर्स की मौत हो चुकी है, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर ईरानी सेना के मुख्य कमांड हेडक्वार्टर "ख़तम अल-अनबिया" के प्रमुख और कुद्स फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से कई कमांडर सोते समय अपने आवासों पर मिसाइल हमलों का शिकार हुए, जिससे स्पष्ट है कि हमले अत्यधिक सटीक और पूर्व नियोजित थे।
200 लड़ाकू विमानों से 100 टारगेट्स पर हमला
इजरायली सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने बताया कि इस व्यापक हमले में 200 से अधिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और करीब 100 प्रमुख ठिकानों को टारगेट किया गया। उनका कहना है कि हमले में कोई भी इजरायली विमान या पायलट हताहत नहीं हुआ है, जिससे इजरायली सैन्य क्षमता का प्रदर्शन होता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
इस हमले के जवाब में ईरान ने 100 से अधिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं। इनमें से ज्यादातर को इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें तेल अवीव, रमत गान और रिशोन लेज़ियन जैसे मध्य इजरायली इलाकों में गिरकर तबाही मचाने में सफल रहीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम तीन इजरायली नागरिकों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हुए हैं। साथ ही, ईरानी मिसाइलों का प्रमुख निशाना तेल अवीव में स्थित इजरायली सैन्य मुख्यालय "किरयात" रहा।
जिससे कई इमारतों को नुकसान हुआ। इस टकराव ने न केवल इजरायल और ईरान के बीच बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह संघर्ष एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें अमेरिका, रूस और अन्य वैश्विक शक्तियां अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकती हैं। संक्षेप में, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा यह टकराव अब सिर्फ सैन्य हमला नहीं रह गया, बल्कि यह एक रणनीतिक युद्ध का संकेत है, जो भविष्य की वैश्विक स्थिरता को चुनौती दे सकता है।
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