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BIG BREAKING: हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा का निधन
Shantanu Roy
4 Nov 2025 4:21 PM IST

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85 वर्ष की आयु में लंदन में ली अंतिम सांस
New Delhi. नई दिल्ली। भारतीय मूल के अरबपति और हिंदुजा ग्रुप के अध्यक्ष गोपीचंद परमानंद हिंदुजा का बुधवार को लंदन के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। कारोबारी जगत में ‘जीपी हिंदुजा’ के नाम से प्रसिद्ध गोपीचंद हिंदुजा चार भाइयों में सबसे बड़े थे। हिंदुजा परिवार के दूसरे पीढ़ी के प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने समूह को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। गोपीचंद हिंदुजा ने मई 2023 में अपने बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के निधन के बाद हिंदुजा ग्रुप के अध्यक्ष का पद संभाला था। उनके परिवार में पत्नी सुनीता, बेटे संजय और धीरज तथा बेटी रीता हैं।
अपने नेतृत्व में उन्होंने हिंदुजा ग्रुप को वित्त, ऊर्जा, ऑटोमोटिव, स्वास्थ्य और रियल एस्टेट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार दिया। भारतीय-ब्रिटिश मूल के उद्योगपति गोपीचंद हिंदुजा के निधन की जानकारी ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य और कंजरवेटिव पार्टी के नेता टोरी पीयर रामी रेंजर ने दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक बयान जारी करते हुए कहा, “प्रिय मित्रों, भारी मन से मैं हमारे प्रिय मित्र श्री जीपी हिंदुजा के दुखद निधन की सूचना साझा कर रहा हूं। वह सबसे दयालु, विनम्र और वफ़ादार दोस्तों में से एक थे। उनका निधन एक युग का अंत है, क्योंकि वह वास्तव में समुदाय के शुभचिंतक और प्रेरक शक्ति थे।
उन्होंने अपने पीछे एक बड़ा शून्य छोड़ दिया है, जिसे भरना मुश्किल होगा। ईश्वर उन्हें शांति प्रदान करे। ओम शांति।” रेंजर ने गोपीचंद हिंदुजा को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया, जिन्होंने न केवल व्यापार जगत में बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि हिंदुजा हमेशा भारतीय समुदाय और ब्रिटिश समाज के बीच सेतु का कार्य करते रहे और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। गोपीचंद हिंदुजा का जन्म वर्ष 1940 में भारत में हुआ था। उन्होंने 1959 में मुंबई के जय हिंद कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी।
इसके बाद उन्होंने वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि हासिल की और लंदन के रिचमंड कॉलेज द्वारा अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किए गए। उन्होंने अपने व्यवसायिक करियर की शुरुआत अपने पिता परमानंद हिंदुजा द्वारा स्थापित ट्रेडिंग व्यवसाय से की थी। समय के साथ उन्होंने इसे बहुआयामी समूह में बदल दिया, जो आज विश्व के कई देशों में सक्रिय है। हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कंपनी को वैश्विक बाजार में मजबूत स्थान दिलाया। यूके संडे टाइम्स रिच लिस्ट के अनुसार, गोपीचंद हिंदुजा लगातार सात वर्षों तक यूनाइटेड किंगडम के सबसे अमीर व्यक्ति रहे।
उनकी व्यावसायिक समझ, वैश्विक दृष्टिकोण और मानवीय दृष्टि के कारण उन्हें न केवल भारत में बल्कि ब्रिटेन और अन्य देशों में भी गहरी सम्मान प्राप्त था। उनके नेतृत्व में हिंदुजा ग्रुप ने समाज कल्याण और परोपकार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास में उनके योगदान को व्यापक सराहना मिली। गोपीचंद हिंदुजा के निधन से व्यापार जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उद्योग जगत के कई नेताओं ने उन्हें दूरदर्शी और प्रेरणास्रोत बताया है। उनके जीवन ने यह दर्शाया कि किस प्रकार भारतीय मूल्य और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ विश्व मंच पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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