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BIG BREAKING: गौरव गोगोई बने असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष

Shantanu Roy
26 May 2025 5:50 PM IST
BIG BREAKING: गौरव गोगोई बने असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष
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Assam. असम। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक बार फिर संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में अग्रसर है। पार्टी ने अब उन राज्यों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है जहां आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसी रणनीति के तहत असम, तमिलनाडु, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस इकाइयों में व्यापक बदलाव की योजना बनाई जा रही है। पार्टी का उद्देश्य इन राज्यों में नेतृत्व को नया स्वरूप देना और आगामी चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।
इस दिशा में असम राज्य पर विशेष फोकस किया गया है, जहां कांग्रेस के लिए गौरव गोगोई एक उभरते हुए नेता के रूप में सामने आए हैं। गौरव गोगोई, पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता तरुण गोगोई के पुत्र हैं। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता के रूप में अपनी भूमिका निभाने वाले गौरव की छवि एक सुलझे हुए, ईमानदार और प्रभावी वक्ता की है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की नजर अब उन्हें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का अध्यक्ष या राज्य में चुनावी अभियान समिति का प्रमुख बनाने पर है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि रणनीतिक भी माना जा रहा है। कांग्रेस को भरोसा है कि गौरव गोगोई असम में भाजपा के आक्रामक राजनीतिक अभियान के मुकाबले एक संतुलित और वैकल्पिक नेतृत्व प्रस्तुत कर सकते हैं। उनकी साख और जमीन से जुड़ाव पार्टी को राज्य में पुनः खड़ा करने में सहायक हो सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि गोगोई राज्य की राजनीति में एक व्यक्तित्व-आधारित विमर्श को जन्म दे सकते हैं, जो मौजूदा सत्ता पक्ष की रणनीतियों को संतुलित कर सके।
हाल के दिनों में गौरव गोगोई और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा के बीच तीखी राजनीतिक जुबानी जंग देखने को मिली है। मुख्यमंत्री शर्मा ने गोगोई पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और निजी संपर्कों को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिनका कांग्रेस ने सिरे से खंडन करते हुए उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। पार्टी ने साफ किया कि गोगोई के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनका उद्देश्य केवल उनकी बढ़ती लोकप्रियता को रोकना है।
गौरव गोगोई की सक्रियता और जनता से सीधे संवाद की शैली ने उन्हें राज्य में एक लोकप्रिय चेहरा बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस उन्हें नेतृत्व देती है, तो असम में पार्टी को नया जीवन मिल सकता है। इससे पहले कांग्रेस ने बिहार और केरल में भी नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति करके संकेत दिया है कि पार्टी अब युवाओं और सशक्त नेतृत्व को प्राथमिकता देने के मूड में है। पार्टी का यह कदम न केवल असम में चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि कांग्रेस के आंतरिक समीकरणों और नेतृत्व संरचना में भी बदलाव लाएगा। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस अब संगठन के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर नए स्वरूप के साथ सामने आने की तैयारी कर रही है।
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