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BIG BREAKING: फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट से खुलेगा राज! उठाए 42 सैंपल

SHIDDHANT
11 Nov 2025 7:53 PM IST
सांकेतिक तस्वीर (AI)
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घटनास्थल से मिले 42 नमूने
Delhi दिल्ली। लालकिला के पास हुए धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने ब्लास्ट स्पॉट से कुल 42 एक्जीबिट्स (साक्ष्य) इकट्ठे किए हैं, जिनकी जांच मंगलवार से शुरू होगी। इन नमूनों में I20 कार के टायर, चेसिस, सीएनजी सिलेंडर, बोनट के टुकड़े और धातु के कई हिस्से शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन साक्ष्यों से यह पता चल सकेगा कि धमाके में किस प्रकार के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियों को घटनास्थल से मिले हर नमूने का स्वैब सैंपल लेकर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनआईए और एफएसएल की टीम इस केस में मिलकर काम कर रही हैं। फिलहाल, फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमाके में किस स्तर की विस्फोटक सामग्री का प्रयोग हुआ था और क्या यह रिमोट कंट्रोल या टाइमर के जरिए ट्रिगर किया गया था।

इस बीच, सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि मुख्य आरोपी डॉ. मोहम्मद उमर उर्फ उमर नबी धमाके से लगभग तीन घंटे पहले तक अपनी Hyundai i20 कार में बैठा हुआ दिखाई दिया था। यह वही कार थी जिसमें बाद में विस्फोट हुआ। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि कार में विस्फोटक कैसे लगाया गया और उमर की मृत्यु उसी धमाके में हुई या नहीं। बताया जा रहा है कि उमर कश्मीर का रहने वाला डॉक्टर था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था। वह लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। जांच में सामने आया है कि उमर आदिल अहमद राठर का करीबी साथी था। राठर को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है, जो अनंतनाग के जीएमसी मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रह चुका है।

सूत्रों के मुताबिक, राठर की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियों ने सोमवार को फरीदाबाद में छापेमारी की थी। वहां से कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त किया गया है। फॉरेंसिक जांच से अब इस बात की पुष्टि की जाएगी कि धमाके में कौन-सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ—क्या यह आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट या किसी अन्य उच्च शक्ति वाले रासायनिक पदार्थ से जुड़ा था। अधिकारियों का कहना है कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार के कई हिस्से दूर तक जा गिरे।

जांच टीम का ध्यान अब उमर और राठर के बीच हुई ऑनलाइन बातचीत, बैंक ट्रांजैक्शन और मेडिकल नेटवर्क से जुड़े संपर्कों पर केंद्रित है। खुफिया सूत्रों का मानना है कि दोनों के बीच अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से संभावित संबंध भी जांच के दायरे में हैं। लालकिला ब्लास्ट केस अब देश की प्रमुख जांच एजेंसियों की प्राथमिकता में है। दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी है और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा की स्कैनिंग की जा रही है। फिलहाल, जांच एजेंसियां फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर उमर की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि करने की तैयारी में हैं।
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