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BIG BREAKING: किश्तवाड़ में बादल फटने से मचा हाहाकार, 46 की मौत, 250 से अधिक लापता

Shantanu Roy
14 Aug 2025 10:12 PM IST
BIG BREAKING: किश्तवाड़ में बादल फटने से मचा हाहाकार, 46 की मौत, 250 से अधिक लापता
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स्वतंत्रता दिवस समारोह रद्द
Kishtwar. किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में गुरुवार सुबह एक भयानक प्राकृतिक आपदा ने तबाही मचा दी। सुबह करीब 11 बजे बादल फटने से अचानक आए सैलाब ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। पहाड़ों से उमड़ते पानी के साथ मिट्टी, पत्थर और भारी-भरकम चट्टानें गांव की ओर बह आईं, जिन्होंने रास्ते में आने वाली हर चीज को नष्ट कर दिया। अब तक CRPF के 2 जवानों सहित 46 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 120 से ज्यादा लोग घायल हैं और करीब 250 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने अब तक 167 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है, लेकिन खराब मौसम और टूटी सड़कों के कारण राहत कार्य में भारी बाधाएं आ रही हैं।


मचैल माता यात्रा के कारण इलाके में भारी भीड़
चिशोती गांव मचैल माता यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। गांव से करीब 8.5 किलोमीटर दूर, 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सड़क मार्ग से चिशोती तक गाड़ियां पहुंचती हैं, उसके बाद पैदल ट्रैक कर मंदिर तक जाना होता है। घटना के समय हजारों यात्री, लंगर समितियां और दुकानें यहां मौजूद थीं। बादल फटने से टेंट, लंगर, दुकानें, घर, सड़कें और पुल सब कुछ बह गया। प्रशासन को आशंका है कि लापता लोगों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि बड़ी संख्या में यात्री उस समय इलाके में मौजूद थे।


राहत और बचाव कार्य में जुटीं कई एजेंसियां
हादसे की जानकारी मिलते ही NDRF की दो टीमें उधमपुर से रवाना की गईं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और SDRF की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। किश्तवाड़, डोडा और भदरवाह से एम्बुलेंस भेजी गईं। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे, जिससे गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल ले जाने में देरी हो रही है। कई जगह सड़कें टूट गई हैं और मलबा जमा हो गया है, जिसे हटाने में समय लग रहा है।


विपक्ष के नेता और सांसद घटनास्थल पर सक्रिय
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और पद्दर से विधायक सुनील शर्मा ने बताया, “मचैल माता यात्रा के कारण इलाके में भारी भीड़ थी। टेंट, दुकानें और ढांचे बह गए हैं, जिससे नुकसान का पैमाना बेहद बड़ा है।” केंद्रीय मंत्री और उधमपुर के सांसद डॉ. जीतेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत जिला प्रशासन से संपर्क कर हालात का अपडेट लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।


प्रधानमंत्री ने जताया शोक, दी मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा “जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान जारी है। जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।” किश्तवाड़ में आई इस आपदा के कारण जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। जम्मू में होने वाली ‘एट होम’ टी पार्टी भी रद्द कर दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 15 अगस्त को केवल परेड होगी, कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा।


हादसे से बाल-बाल बचे श्रद्धालु
मचैल माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे कुछ श्रद्धालु हादसे से बाल-बाल बच गए। इनमें से कई देर शाम किश्तवाड़ लौटे, लेकिन उनके कई रिश्तेदार अब भी लापता हैं। गांव में अफरा-तफरी का माहौल है, लोग अपनों की तलाश में भटक रहे हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण और स्वयंसेवी संगठन भी बचाव कार्य में लगे हैं। लोग फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं और अपने घरों के दरवाजे जरूरतमंदों के लिए खोल दिए हैं। इस दौरान कई लोगों ने जोखिम उठाकर तेज बहाव से लोगों को बाहर निकाला।



प्राकृतिक आपदा के निशान
बादल फटने से आया पानी इतनी तेजी से बहा कि पक्के मकान तक ढह गए। पेड़ उखड़ गए, पुल बह गए, और खेतों में मलबा भर गया। मोबाइल नेटवर्क भी कई इलाकों में ठप है, जिससे संपर्क साधना मुश्किल हो रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित है और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रशासन का कहना है कि पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। इसके साथ ही, राहत शिविरों में भोजन, पानी और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे राहत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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