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BIG BREAKING: फार्मा फैक्ट्री से क्लोरीन गैस रिसाव, सांस लेने में हो रही परेशानी

Shantanu Roy
13 Aug 2025 7:28 PM IST
BIG BREAKING: फार्मा फैक्ट्री से क्लोरीन गैस रिसाव, सांस लेने में हो रही परेशानी
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बड़ी खबर
Bhopal. भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार दोपहर एक गंभीर औद्योगिक हादसा हुआ, जिसने आसपास के क्षेत्र में दहशत फैला दी। गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित हिंद फार्मा फैक्ट्री में क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। फैक्ट्री के केमिकल स्टोर से लीक हुई जहरीली गैस आसपास के इलाके में फैल गई, जिससे कई लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना की जानकारी मिलते ही मचा हड़कंप
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर के समय फैक्ट्री परिसर से तेज बदबूदार और आंखों में चुभन पैदा करने वाली गैस का रिसाव हुआ। गैस का असर इतना तेज था कि कुछ लोगों को तुरंत क्षेत्र से बाहर निकलना पड़ा। फैक्ट्री के आस-पास रहने वाले लोग खिड़कियां-दरवाजे बंद कर घरों में दुबक गए। सूचना मिलते ही गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव, एसडीईआरएफ (SDERF) की विशेष टीम, नगर निगम की फायर ब्रिगेड, पुलिस बल और बिजली कंपनी (MPEB) का अमला मौके पर पहुंचा। जांच में पता चला कि गैस का रिसाव फैक्ट्री की सीमा से बाहर निकलकर आसपास के इलाकों में फैल चुका था।
गैस रिसाव का कारण
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि फैक्ट्री परिसर में मौजूद कचरे में आग लग गई थी। इस आग की वजह से वहां रखे रसायनों के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया हुई और क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस का घनत्व और तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि थोड़ी देर में ही वह फैक्ट्री से बाहर तक पहुंच गई।
तुरंत शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य
SDERF की टीम और नगर निगम की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर गैस के असर को कम करने की कार्रवाई शुरू की। गैस को न्यूट्रलाइज करने के लिए कास्टिक सोडा का उपयोग किया गया। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी किया ताकि गैस का फैलाव रोका जा सके। यह पूरी प्रक्रिया लगभग एक घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने फैक्ट्री के कर्मचारियों और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के बाद ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।
स्वास्थ्य पर असर और लोगों की परेशानी
गैस रिसाव के कारण कई लोगों ने आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। राहत दल ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और जरूरत पड़ने पर नजदीकी अस्पताल में भेजा। हालांकि, अब तक किसी के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर नहीं मिली है।
बड़ी दुर्घटना टली
राहत और बचाव कार्य में लगे अधिकारियों का कहना है कि अगर गैस रिसाव पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह
घटना
गंभीर रूप ले सकती थी। कास्टिक सोडा से गैस को न्यूट्रल करने की कार्रवाई समय पर होने से स्थिति जल्द नियंत्रित हो गई। इस घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा और रसायनों के सुरक्षित भंडारण पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री परिसर में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और रसायनों का भंडारण नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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