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रथयात्रा से पहले हाई अलर्ट, ड्रोन और AI से होगी निगरानी

Saba Naaz
14 July 2026 9:34 PM IST
रथयात्रा से पहले हाई अलर्ट, ड्रोन और AI से होगी निगरानी
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अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक 149वीं रथयात्रा को लेकर सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रथयात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने इस बार हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंदिर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भगवान जगन्नाथ मंदिर में आयोजित नेत्रोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया और महाआरती की। इसके बाद उन्होंने रथयात्रा के निर्धारित मार्ग का निरीक्षण किया। संघवी ने करीब 16 किलोमीटर लंबे रथयात्रा मार्ग पर पैदल चलकर सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रथयात्रा की सुरक्षा के लिए इस बार बड़े स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, एक सौ से अधिक आईपीएस अधिकारियों समेत करीब 30 हजार जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। रथयात्रा मार्ग और आसपास के इलाकों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वर्चुअल रियल टाइम मॉनिटरिंग, 3D मैपिंग, ड्रोन कैमरे और हजारों सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। इन तकनीकों के जरिए रथयात्रा की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी।

प्रशासन की ओर से 100 से अधिक ड्रोन कैमरों के इस्तेमाल की योजना बनाई गई है। ड्रोन के जरिए भीड़, संवेदनशील क्षेत्रों और पूरे रूट की निगरानी की जाएगी। वहीं, जीपीएस और अन्य आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां रथयात्रा की गतिविधियों को ट्रैक करेंगी।

इस बार रथयात्रा में शामिल होने वाले हाथियों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। तेज आवाज और भीड़ के बीच हाथियों के व्यवहार में बदलाव को देखते हुए उन पर डेसिबल मीटर और जायरोस्कोप सिस्टम लगाए जाएंगे। इन उपकरणों से हाथियों की चाल और व्यवहार पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

अहमदाबाद की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर साल इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने इस बार पहले से व्यापक योजना तैयार की है।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने रथयात्रा मार्ग, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर भी चर्चा की। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकें और पूरी यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

149वीं रथयात्रा को लेकर अहमदाबाद में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस भव्य धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में जुटी हुई हैं।

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