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जंगल में घास काटने गई महिला पर झपटा भालू, गंभीर रूप से घायल

nidhi
22 Sept 2026 10:16 AM IST
जंगल में घास काटने गई महिला पर झपटा भालू, गंभीर रूप से घायल
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अचानक महिला पर टूट पड़ा भालू

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र में घास काटने गई एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में महिला के पैर पर गंभीर चोट आई है। भालू ने महिला का पैर बुरी तरह जख्मी कर दिया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायल महिला को सुरक्षित स्थान पर लाया गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

महिला रोज की तरह पशुओं के लिए घास लेने गई थी। वह जंगल और आबादी से सटे इलाके में घास काट रही थी। इसी दौरान अचानक भालू वहां पहुंच गया। महिला को संभलने का मौका मिलता इससे पहले ही भालू ने उस पर हमला कर दिया। भालू के हमले से महिला जमीन पर गिर गई। इस दौरान भालू ने उसके पैर को निशाना बनाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला के शोर मचाने के बाद आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई। लोगों के पहुंचने और शोर होने के बाद भालू जंगल की ओर चला गया।
घटना के बाद घायल महिला को ग्रामीणों और परिजनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसके घायल पैर का उपचार शुरू किया। भालू के हमले के कारण पैर में गहरे घाव होने की बात सामने आई है। महिला की स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। घटना की जानकारी वन विभाग को भी दी गई। भालू के आबादी के नजदीक पहुंचने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पशुओं के लिए चारा और रोजमर्रा के दूसरे कामों के कारण जंगल से लगे इलाकों में जाना पड़ता है। ऐसे में जंगली जानवरों की मौजूदगी उनके लिए बड़ा खतरा बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में कई गांव जंगलों के बेहद करीब बसे हैं। इन इलाकों में भालू, तेंदुआ और अन्य वन्यजीवों का आबादी के आसपास दिखाई देना चिंता का कारण बनता है। खासकर घास और लकड़ी लेने जंगल जाने वाली महिलाओं को वन्यजीवों से सामना होने का खतरा रहता है।
बेरीनाग की घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। वन्यजीव प्रभावित इलाकों में लोगों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने और आसपास की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी जाती है। फिलहाल महिला का इलाज जारी है। वहीं भालू की गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र के लोग सतर्क हैं। घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है।
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