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CJI की मौजूदगी को लेकर अभियान पर BCI का एक्शन, लॉ ग्रेजुएट्स का एनरोलमेंट रोका
Delhi दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में आयोजित दीक्षांत समारोह को लेकर उठे विवाद पर सख्त रुख अपनाया है। BCI ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन दिनों के भीतर मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह विवाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की दीक्षांत समारोह में भागीदारी को लेकर चलाए गए अभियान से जुड़ा है। BCI ने इस मामले में कथित संगठित व्यवधान की जांच शुरू कर दी है।
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The Bar Council of India has directed NALSAR University of Law to submit a factual report within three days on the campaign over CJI Surya Kant's participation in its convocation. It ordered State Bar Councils to defer enrolment of NALSAR’s 2026 law graduates until further… pic.twitter.com/qyLR9Jk0VD
— IANS (@ians_india) August 13, 2026
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया है कि वे NALSAR के वर्ष 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित रखें। यह फैसला मामले की जांच पूरी होने तक लागू रहेगा।
BCI का कहना है कि विश्वविद्यालय से मांगी गई रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम, अभियान की प्रकृति और इसमें शामिल लोगों से संबंधित तथ्यों की जानकारी मांगी गई है। परिषद यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दीक्षांत समारोह में किसी तरह की सुनियोजित बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया गया था।
NALSAR देश के प्रमुख राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में शामिल है और यहां से बड़ी संख्या में छात्र कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। ऐसे में एनरोलमेंट प्रक्रिया पर रोक का असर 2026 बैच के छात्रों पर पड़ सकता है। BCI ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय जांच और विश्वविद्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल सभी संबंधित पक्षों से तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
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