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BRICS में नहीं आया बांग्लादेश, हर वक्त भारत के बारे में नहीं सोच सकते, बांग्लादेशी मंत्री भड़के

SHIDDHANT
13 Sept 2026 9:02 PM IST
BRICS में नहीं आया बांग्लादेश, हर वक्त भारत के बारे में नहीं सोच सकते, बांग्लादेशी मंत्री भड़के
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ब्रेकफास्ट लंच डिनर हर वक्त भारत नहीं बांग्लादेशी मंत्री का बड़ा बयान
Dhaka. ढाका। BRICS सम्मेलन में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी और भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि उनका देश भारत के साथ अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहता है, लेकिन हर समय केवल भारत पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए अन्य देशों के साथ भी संबंधों और बातचीत को आगे बढ़ाएगा। ढाका में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुमायूं कबीर से पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री तारिक रहमान सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि भारत एक पड़ोसी देश है और बांग्लादेश उसके साथ अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहता है।
कबीर ने कहा, “हम हर समय नाश्ते, लंच और डिनर के दौरान सिर्फ भारत के बारे में नहीं सोच सकते। अपने देश के बारे में सोचिए।” उन्होंने कहा कि जब भी किसी देश के साथ द्विपक्षीय या बहुपक्षीय चर्चा की जरूरत होगी, बांग्लादेश बातचीत करेगा। BRICS सम्मेलन में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया था, इसलिए सम्मेलन में जाने का सवाल नहीं था। उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को नए तरीके से आगे बढ़ाने की बात भी कही।
कबीर के मुताबिक बांग्लादेश पिछले 15 वर्षों में भारत के साथ रहे संबंधों के तौर-तरीकों से आगे बढ़कर रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की भारत यात्रा किसी बहुपक्षीय कार्यक्रम का हिस्सा बनने के बजाय द्विपक्षीय यात्रा के रूप में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों के नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करना संभव नहीं है। बांग्लादेश को कई देशों से निमंत्रण मिल सकते हैं और जरूरत के अनुसार विभिन्न देशों के साथ चर्चा की जाएगी। हुमायूं कबीर का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब भारत और बांग्लादेश के संबंधों तथा दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की संभावित मुलाकात को लेकर चर्चा चल रही है। उनके बयान से साफ है कि बांग्लादेश भारत के साथ संबंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन अपनी विदेश नीति में अन्य देशों के साथ रिश्तों को भी समान रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
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