भारत

बागलकोट हिंसा: पूर्व मंत्री ने अमित शाह को लिखा पत्र, कर्नाटक की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

jantaserishta.com
26 Feb 2026 11:54 AM IST
बागलकोट हिंसा: पूर्व मंत्री ने अमित शाह को लिखा पत्र, कर्नाटक की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
x
बागलकोट: कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने पिछले दिनों हुई बागलकोट हिंसा के बाद एनआईए जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है, जिसमें कर्नाटक की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का भी अनुरोध किया गया है।
पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने आरोप लगाए कि सार्वजनिक जुलूसों और संवेदनशील इलाकों के आसपास बार-बार झगड़े होते हैं। इसके अलावा, हाल की अनेक घटनाओं के आधार पर हिंदू संगठनों से जुड़े हिंदू युवाओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों, उन्हें डराने-धमकाने या काउंटर-केस में घसीटे जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, "यह निवेदन किसी भी जांच को पूर्वाग्रहित करने के उद्देश्य से नहीं है। इसका उद्देश्य रोके जा सकने वाले पैटर्न को बताने और राज्यों को अंदरूनी गड़बड़ी से बचाने के लिए केंद्र के संवैधानिक कर्तव्य (आर्टिकल 355) के तहत स्टैंडर्ड रोकथाम, जांच की निगरानी और प्रॉसिक्यूशन ट्रैकिंग का अनुरोध करने के लिए है।"
बागलकोट की घटना का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा, "20 फरवरी को बागलकोट पुराने शहर में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती शोभायात्रा के दौरान, जब यात्रा एक क्षेत्र से गुजर रही थी, तब पथराव की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई और गिरफ्तारियां कीं। जिला प्रशासन ने पुराने बागलकोट में 28 फरवरी तक निषेधाज्ञा बढ़ा दी, बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस जारी किए और चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती की। यह घटना दिखाती है कि इवेंट-रूट मैनेजमेंट, जरूरत पड़ने पर पहले से रोक लगाना और इंटेलिजेंस के आधार पर तनाव कम करने के लिए अधिक मानकीकरणऔर जवाबदेही की जरूरत है।"
उन्होंने हिंदू संगठनों से जुड़े युवाओं और कार्यकर्ताओं को कथित रूप से निशाना बनाने और 'क्रॉस केस' की शिकायतों पर चिंता जताई। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया, "तनाव की घटनाओं के साथ-साथ विशेष रूप से हिंदू संगठनों और पीड़ितों के परिवारों के बीच यह चिंता बढ़ रही है कि हिंदू संगठनों से जुड़े युवाओं को शारीरिक हमलों का निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें क्रॉस केस का सामना करना पड़ रहा है, भले ही वे पीड़ित होने का दावा करते हों।"
बी. श्रीरामुलु ने उदाहरण के तौर पर सितंबर 2024 में मांड्या में हुई हिंसा, मंगलुरु में सुहास शेट्टी की हत्या और कोप्पल में एक हिंदू युवक पर हमले की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने अनुरोध किया कि कर्नाटक गृह विभाग और डीजीपी के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिव्यू मीटिंग बुलाई जाए, ताकि बार-बार होने वाली घटनाओं वाले जिलों, खुफिया तंत्र की विफलताओं और दंगा व लक्षित हत्या मामलों में अभियोजन का मूल्यांकन किया जा सके।
एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर परामर्श जारी किया जाए, जिसमें जुलूस अनुमति, मार्ग निर्धारण, समय-सीमा और संवेदनशील स्थलों के निकट 'नो-गो' बफर क्षेत्र, संयुक्त शांति समिति की बैठक कार्यवाही और आयोजकों से लिखित आश्वासन और रीयल-टाइम तनाव नियंत्रण प्रोटोकॉल के साथ-साथ प्रिवेंटिव सिक्योरिटी मैपिंग और समय-समय पर रिव्यू हो।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story