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जौहर पर स्वरा भास्कर के बयान को लेकर अवध ओझा का पलटवार, इतिहास पढ़ने की दी सलाह
jantaserishta.com
8 Sept 2026 3:37 PM IST

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नई दिल्ली: जौहर को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और शिक्षक अवध ओझा ने इस मुद्दे पर स्वरा भास्कर को जवाब दिया है। उन्होंने स्वरा को इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि राजपूतानियों के इतिहास को समझने के लिए उन्हें संबंधित ऐतिहासिक ग्रंथों और अमीर खुसरो के विवरणों को पढ़ना चाहिए। ओझा ने यह भी कहा कि ऐसे विषयों पर बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर हुआ विवाद
दरअसल, स्वरा भास्कर ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान जौहर को लेकर टिप्पणी की थी। उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ। बाद में अभिनेत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का सोशल मीडिया पर गलत अनुवाद किया गया था।
स्वरा ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा। उनके मुताबिक, उनकी टिप्पणी संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के संदर्भ में थी। इस बयान के बाद बीजेपी, हिंदूवादी संगठनों और राजपूत समाज की ओर से उनकी आलोचना की गई।
अवध ओझा ने क्या कहा?
अब अवध ओझा ने एक वीडियो के जरिए स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्वरा को इतिहास को दोबारा पढ़ना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ‘खजाइन-उल-फुतूह’ और अमीर खुसरो के विवरणों का अध्ययन करने की बात कही।
ओझा के मुताबिक, इन ऐतिहासिक स्रोतों को पढ़ने के बाद स्वरा को राजपूत महिलाओं के इतिहास और उनके साहस के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मृत्यु पर विजय हासिल कर लेता है, वह भगवान के समान हो जाता है।
अवध ओझा ने स्वरा से अपने ज्ञान को दोबारा सही करने और इस तरह की टिप्पणियों से बचने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि अभिनेत्री ने किसी की बात या गलत जानकारी के आधार पर टिप्पणी की हो, इसलिए उन्हें ऐसे मामलों में बहकावे में आने से बचना चाहिए।
हिंदू-मुसलमान विवाद पर भी बोले
अपने वीडियो में अवध ओझा ने जौहर के मुद्दे से आगे बढ़कर देश में चल रहे धार्मिक और जातिगत विवादों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज समाज में हिंदू-मुसलमान के नाम पर काफी विवाद देखने को मिल रहा है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई प्रमुख लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने किसी एक जाति, धर्म या समुदाय के लिए लड़ाई नहीं लड़ी थी, बल्कि पूरे हिंदुस्तान और हिंदुस्तानियों के लिए संघर्ष किया था।
ओझा ने सरदार भगत सिंह, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और वीडी सावरकर जैसे नामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर ये लोग आज की स्थिति को देखते, तो शायद उन्हें इस बात का दुख होता कि जिन उद्देश्यों के लिए उन्होंने संघर्ष किया, समाज उसी आधार पर बंटता नजर आ रहा है।
बयान के बाद बढ़ी बहस
स्वरा भास्कर की जौहर पर टिप्पणी और उसके बाद दी गई सफाई के बावजूद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया जारी है। अब अवध ओझा के बयान ने इस बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
ओझा ने जहां स्वरा को इतिहास पढ़ने की सलाह दी, वहीं अपने बयान के जरिए धार्मिक और जातिगत आधार पर होने वाले विवादों से बचने की अपील भी की। उनका कहना है कि देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम को व्यापक नजरिए से समझने की जरूरत है।
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