भारत
साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर जताया शोक
Shantanu Roy
23 Dec 2025 10:57 PM IST

x
बड़ी खबर
Raipur. रायपुर। हिंदी साहित्य जगत के प्रतिष्ठित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी साहित्यिक साधना और विशिष्ट लेखन शैली ने हिंदी साहित्य को नई दिशा दी। उनके निधन पर नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन से उन्हें अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने लिखा कि शुक्ल जी हिंदी साहित्य जगत में हमेशा स्मरणीय रहेंगे और अपने अमूल्य योगदान के लिए उन्हें पीढ़ियों तक याद किया जाएगा।
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखक विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। हिन्दी साहित्य जगत में अपने अमूल्य योगदान के लिए वे हमेशा स्मरणीय रहेंगे। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।
— Narendra Modi (@narendramodi) December 23, 2025
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं में साधारण जीवन की गहरी संवेदनाएं, मानवीय सरोकार और सादगीपूर्ण भाषा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उनकी लेखनी ने पाठकों के हृदय को छुआ और साहित्य को आमजन से जोड़ा। विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ के ऐसे साहित्यकार थे, जिन्होंने कविता, उपन्यास और गद्य के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी चर्चित कृतियों में नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी रचनाएं शामिल हैं, जिन्हें हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में गिना जाता है। उनकी लेखनी में जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं को बड़ी संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करने की क्षमता थी।
उनके निधन पर साहित्यकारों, लेखकों, पाठकों और सामाजिक संगठनों ने भी शोक व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के साहित्य प्रेमियों ने उन्हें हिंदी साहित्य का अमूल्य स्तंभ बताया है। कई साहित्यिक संस्थाओं ने कहा कि शुक्ल जी की रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में दिवंगत साहित्यकार के परिजनों और प्रशंसकों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान हो। विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी सादगीपूर्ण लेकिन गहन रचनाएं उन्हें सदैव साहित्य प्रेमियों के हृदय में जीवित रखेंगी।
Tagsविनोद कुमार शुक्ल निधनसाहित्यकार निधनहिंदी साहित्यप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीपीएम मोदी शोकX पोस्टछत्तीसगढ़ साहित्यनौकर की कमीजदीवार में एक खिड़की रहती थीहिंदी लेखकसाहित्य जगत शोकरायपुर समाचारहिंदी कविताउपन्यासकारसाहित्यिक योगदानसाहित्य प्रेमीराष्ट्रीय शोकलेखक श्रद्धांजलिभारतीय साहित्यहिंदी साहित्य समाचारVinod Kumar Shukla deathlitterateur deathHindi literaturePrime Minister Narendra ModiPM Modi condolenceX postChhattisgarh literatureservant's shirtthere used to be a window in the wallHindi writerliterary world mourningRaipur newsHindi poetrynovelistliterary contributionliterature lovernational mourningwriter tributeIndian literatureHindi literature news
Next Story





