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Hospice. धर्मशाला। खेल नगरी धर्मशाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (साई एनसीओई) में एथलेटिक्स को फिर से मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। केंद्र में जारी सत्र से 20 लड़कियों के लिए गैर आवासीय एथलेटिक्स सीटें शुरू की जाएंगी। इससे पहले एशियन गेम्स में भारत की कैप्टन सहित तीन बेटियों ने गोल्ड, जबकि एथलेटिक्स में यंहा से अभ्यास कर निकली सीमा ने ब्रांज मेडल अपने नाम किया था। इसे खेल प्रतिभाओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। साई एनसीओई धर्मशाला के सहायक निदेशक जेपी साहनी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि केंद्र के लिए यह गर्व का क्षण है। एथलेटिक्स अनुशासन को पुनर्जीवित करने के साथ लड़कियों के लिए 20 गैर आवासीय सीटें शुरू होने से क्षेत्र की उभरती खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे केंद्र में एथलेटिक्स को फिर से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। एथलेटिक्स जैसी महत्वपूर्ण खेल विधा में प्रशिक्षण के अवसर प्रभावित होने से स्थानीय खेल प्रतिभाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हुए थे। इतना ही नहीं धर्मशाला के अभयास से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी मेडल जीत रहे थे। अब लड़कियों के लिए 20 गैर आवासीय सीटें शुरू करने के फैसले से इस अनुशासन को नई उम्मीद मिली है। इस पहल से धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों की लड़कियों को एथलेटिक्स में प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा। हालांकि यह पहल गैर-आवासीय श्रेणी में शुरू की जा रही है, लेकिन इससे स्थानीय खिलाडिय़ों को खेल के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए मंच उपलब्ध होगा। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आवासीय एथलेटिक्स भी धर्मशाला में शुरू होगा।
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