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असम-अरुणाचल की सीमाओं को लेकर उपजे विवाद का हुआ समाधान : सीएम सरमा

SHIDDHANT
10 Aug 2026 7:57 PM IST
असम-अरुणाचल की सीमाओं को लेकर उपजे विवाद का हुआ समाधान : सीएम सरमा
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Guwahati गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि धेमाजी जिले में असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच झड़प से पैदा हुए विवाद का समाधान अब हो चुका है। यह समाधान दोनों राज्यों के अधिकारियों की ओर से कदम आगे बढ़ाने के बाद हुआ है। इसमें सीमा क्षेत्र से जुड़ा विवाद भी शामिल है। सीएम सरमा ने कहा कि असम सरकार ने अपने मंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को अरूणाचल प्रदेश में अपने समकक्ष के साथ चर्चा करने को कहा था। साथ ही, यह भी निर्देश दिया था कि प्रभावित इलाके में शांति बहाल की जाए।
असम-अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास स्थित मिंगमांग बस्ती पर हालिया फायरिंग के बाद तनाव की स्थिति पैदा हुई है। इस फायरिंग की चपेट में आकर 18 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसमें से चार की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा क्षेत्र के पास जमीन अतिक्रमण को लेकर हुए विवाद की वजह से यह झड़प हुई है। अरूणाचल प्रदेश से जुड़े अज्ञात व्यक्ति ने झड़प के दौरान सबसे पहले फायरिंग की। इस वजह से फायरिंग की चपेट में आकर कई लोग घायल हो गए।
सबसे पहले घायलों को पास के अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बाद में असम मेडिकल कॉलेज और डिब्रूगढ़ स्थित अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। यह घटना अरुणाचल प्रदेश के निचले सियांग जिले में कांगकू सर्कल के पास एक मिसिंग युवक से जुड़ी गोलीबारी की एक अन्य घटना की संदर्भ में हुई है। निचले सियांग जिले की सीमा धेमाजी से लगती है। युवक कथित तौर पर लापता हो गया था और बाद में पैर में चोट के साथ मिला। गोलीबारी के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और घटनाक्रम अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
इस घटना के बाद कथित तौर पर धेमाजी के बाशिंदों और निचला सियांग के बीच तनाव बढ़ गया। इससे राज्य के सीमा क्षेत्र से जुड़े इलाके में भी चिंता बढ़ गई। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि मिसिंग और गैलो समुदाय के बीच चिंता बढ़ गई है। असम सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के अधिकारियों के साथ मिलकर के स्थिति को नियंत्रित और सामान्य करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इससे पहले पूर्वोत्तर के दो राज्य सीमा को लेकर विवाद का सामना कर चुके हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर से विवाद को रोकने के लिए हस्तक्षेप की भी मांग की जा चुकी है।
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