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Varanasi वाराणसी। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान राम के प्रति देश की जनता की आस्था और श्रद्धा को कोई चुनौती नहीं दे सकता। वाराणसी में राम मंदिर से जुड़े दान के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अश्विनी चौबे ने कहा कि विपक्ष की प्रासंगिकता पर जनता खुद फैसला कर चुकी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इसका महत्व सभी जानते हैं।
अश्विनी चौबे ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि राम मंदिर बनने के बाद भी कई विपक्षी नेताओं ने मंदिर जाकर दर्शन नहीं किए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा हुआ है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राम मंदिर को लेकर उनकी बयानबाजी केवल राजनीतिक दिखावा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग देश के लिए प्रेरणा नहीं बन सकते।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर निर्माण को देखा है और इस मुद्दे पर लोगों की भावनाएं स्पष्ट हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। राम मंदिर और उससे जुड़े दान को लेकर समय-समय पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। भाजपा नेता इसे आस्था और जनभावना का विषय बताते रहे हैं, जबकि विपक्षी दल कई बार पारदर्शिता और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
अश्विनी चौबे ने कहा कि राम मंदिर निर्माण देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है और इसमें करोड़ों लोगों की भागीदारी रही है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के प्रति जनता का समर्थन और विश्वास इसकी सबसे बड़ी ताकत है। पूर्व केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद राम मंदिर मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्ष और भाजपा के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
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