
उत्तर प्रदेश: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती देते हुए जुनैद भाई और उनके परिवार से जुड़े मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर खाना बांटने वाले जुनैद भाई के परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है और इसे लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
आशुतोष रांका ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह वीडियो देख रहे हैं तो उनसे अपील है कि जुनैद भाई के परिवार वालों को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उत्तर प्रदेश में भी जंतर-मंतर जैसा बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में जितने लोग इस मुद्दे के समर्थन में दिखाई दे रहे हैं, उससे कई गुना ज्यादा छात्र और युवा उत्तर प्रदेश पहुंचकर आवाज उठाएंगे। रांका ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
दरअसल, यह मामला हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान जुनैद भाई के परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा प्रदर्शनकारियों को भोजन उपलब्ध कराने की बात सामने आई थी। इसके बाद उनके हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर विवाद बढ़ गया। हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
आशुतोष रांका ने इस मुद्दे को छात्रों और युवाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार को किसी भी आंदोलन को दबाने के बजाय उसकी वजहों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं के बीच असंतोष बढ़ता है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में कई राज्यों में परीक्षा व्यवस्थाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने आवाज उठाई है।
रांका ने अपने बयान में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और जिन मामलों में जांच या कार्रवाई की मांग उठ रही है, उनमें निष्पक्ष तरीके से कदम उठाए जाएं।
फिलहाल आशुतोष रांका के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल और छात्र संगठन इस मुद्दे को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी। वहीं, प्रशासन की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





