
एबिट्डा में 19% की बढ़त, इंटरनेशनल पोर्ट्स का एबिट्डा 256% बढ़ा
रायपुर/अहमदाबाद। भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने 30 जून, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के परिणाम जारी कर दिए हैं।
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के प्रमुख वित्तीय परिणाम (समेकित)
विवरण (करोड़ रुपए)
विवरण (करोड़ रुपए)
विवरण (करोड़ रुपए)
विवरण (करोड़ रुपए)
राजस्व 10,821 9,126 19%
एबिट्डा 6,541 5,495 19%
(पीएटी) 3,650 3,311 10%
एपीएसईज़ेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी गुप्ता ने कहा, "वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे हमारे विविधीकृत बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाते हैं। विभिन्न देशों में फैले हमारे मल्टी-मॉडल एसेट्स, व्यापक वैश्विक मौजूदगी और विभिन्न कमोडिटीज तथा ग्राहकों के मजबूत आधार ने इस प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। घरेलू पोर्ट्स कारोबार ने एक बार फिर मजबूत वृद्धि दर्ज की और यह एपीएसईज़ेड की आय का सबसे मजबूत आधार बना हुआ है। वहीं, इंटरनेशनल पोर्ट्स, मरीन और लॉजिस्टिक्स कारोबार अब विस्तार के चरण से आगे बढ़कर बेहतर मूल्य सृजन के दौर में पहुंच चुके हैं और राजस्व व लाभ बढ़ाने में इनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।"
उन्होंने कहा, "सभी कारोबारों में संतुलित वृद्धि से वर्ष 2031 तक तय किए गए हमारे लक्ष्यों को हासिल करने का भरोसा और मजबूत हुआ है। वर्ष 2030 तक 1,000 एमएमटी क्षमता हासिल करने के लिए चल रहे घरेलू विस्तार कार्यक्रम, इंटरनेशनल पोर्टफोलियो के लगातार विस्तार और तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के दम पर एपीएसईज़ेड एक अधिक विविध, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो लंबे समय तक मूल्य सृजन की क्षमता रखता है।"
एनक्यूएक्सटी ऑस्ट्रेलिया के वित्तीय परिणामों को वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही से एपीएसईज़ेड के समेकित नतीजों में शामिल किया गया है।
कारोबार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि एपीएसईज़ेड अब केवल पारंपरिक पोर्ट्स कारोबार तक सीमित नहीं है। पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और इंटरनेशनल बाजारों में कंपनी की बढ़ती उपस्थिति कई नए विकास के अवसर तैयार कर रही है। इससे कंपनी की आय के स्रोत मजबूत होने के साथ-साथ कारोबार की स्थिरता भी लगातार बढ़ रही है।
राजस्व (करोड़ रुपए)
एबिट्डा (करोड़ रुपए)
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही सालाना आधार पर बदलाव % वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही सालाना आधार पर बदलाव
घरेलू पोर्ट्स 6,964 6,200 12% 5,152 4,637 11%
इंटरनेशनल पोर्ट्स 1,747 973 80% 730 205 256%
लॉजिस्टिक्स 1,173 1,169 0.3% 219 212 3%
मरीन 901 541 67% 404 297 36%
पोर्ट डेवलपमेंट एवं एसईज़ेड 36 243 -85% 36 144 -75%
कुल 10,821 9,126 19% 6,541 5,495 19%
घरेलू पोर्ट्स: वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में घरेलू पोर्ट्स का राजस्व सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा। इसमें कार्गो वॉल्यूम बढ़कर 115.3 एमएमटी हो गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 112.9 एमएमटी था। बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और अधिक रियलाइजेशन ने भी इस वृद्धि में अहम योगदान दिया। इस दौरान एबिट्डा मार्जिन 74 प्रतिशत के उद्योग में सर्वश्रेष्ठ स्तर पर रहा। 30 जून, 2026 तक कंपनी के घरेलू पोर्ट्स की कुल क्षमता 653 एमएमटी थी। एपीएसईज़ेड अपने इतिहास के सबसे बड़े पोर्ट क्षमता विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है, जिसके तहत दिसंबर 2030 तक घरेलू क्षमता बढ़ाकर 1,000 एमएमटी करने का लक्ष्य है। इससे कंपनी के अगले चरण की वृद्धि को मजबूती मिलेगी। इस अवधि में देश के कुल कार्गो कारोबार में कंपनी की हिस्सेदारी 27.6 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 27.8 प्रतिशत थी। वहीं, कंटेनर कार्गो बाजार में हिस्सेदारी 44.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 45.2 प्रतिशत थी।
इंटरनेशनल पोर्ट्स: वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में इंटरनेशनल पोर्ट्स कारोबार ने अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व और एबिट्डा दर्ज किया। यह एपीएसईज़ेड के वैश्विक पोर्ट्स कारोबार की बढ़ती मजबूती और लाभप्रदता को दर्शाता है। कार्गो वॉल्यूम बढ़कर 22.8 एमएमटी हो गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 7.7 एमएमटी था। इसमें एनक्यूएक्सटी ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने और कोलंबो पोर्ट पर लगातार बढ़ते कारोबार का बड़ा योगदान रहा। कुल कार्गो में ऑस्ट्रेलिया का योगदान 10 एमएमटी, कोलंबो का 6.9 एमएमटी, तंजानिया का 3.7 एमएमटी और इज़राइल का 2.2 एमएमटी रहा। ऑस्ट्रेलिया के अधिक मार्जिन वाले कारोबार और कोलंबो में बढ़ते परिचालन के कारण एबिट्डा मार्जिन बढ़कर 41.8 प्रतिशत हो गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 21.1 प्रतिशत था। इस दौरान कोलंबो का राजस्व सालाना आधार पर पांच गुना और तंजानिया का राजस्व 36 प्रतिशत बढ़ा।
लॉजिस्टिक्स: मध्य-पूर्व में जारी संकट का असर रेल के जरिए कंटेनर (टीईयू) परिवहन पर पड़ा। इसके बावजूद एपीएसईज़ेड ने एसेट-लाइट मॉडल के विस्तार पर जोर बनाए रखा, जिससे ट्रकिंग कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क (आईएफएन) का राजस्व पिछली तिमाही की तुलना में 28 प्रतिशत बढ़ा। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में रेल के जरिए कंटेनर परिवहन 145,310 टीईयू रहा, जबकि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह 179,479 टीईयू था।
मरीन: वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में मरीन कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़ा। इसका मुख्य कारण कंपनी के बेड़े में लगातार नए वेसल्स शामिल होना रहा। इस अवधि में कंपनी के पास 135 वेसल्स थे, जबकि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में इनकी संख्या 118 थी। एपीएसईज़ेड अपने मरीन कारोबार का वैश्विक विस्तार भी कर रही है। हाल ही में कंपनी ने यूरोप में डीपवॉटर इंजीनियरिंग और ऑफशोर क्षमताओं को मजबूत करने के लिए ओशियनियरिंग इंटरनेशनल के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा अर्जेंटीना से भारत के लिए पहली एलएनजी निर्यात परियोजना को समर्थन देने के लिए 10 वर्ष का महत्वपूर्ण अनुबंध भी हासिल किया है, जिससे दक्षिण अमेरिका में कंपनी की मौजूदगी मजबूत होगी।
वित्त वर्ष 27 के अनुमान के मुकाबले पहली तिमाही का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 27 का अनुमान
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही का प्रदर्शन
राजस्व (करोड़ रुपए) 43,000 - 45,000 10,821
एबिट्डा (करोड़ रुपए) 25,000 – 26,000 6,541
नेट डेट टू एबिट्डा 2.5 गुना तक 1.9 गुना
वित्तीय प्रदर्शन के प्रमुख बिंदु
● ऋण प्रबंधन: 30 जून, 2026 तक कंपनी का कुल ऋण 56,776 करोड़ रुपए रहा, जबकि नकद और नकद समकक्ष 12,428 करोड़ रुपए रहे। नेट डेट टू एबिट्डा अनुपात 1.9 गुना रहा। वहीं, टीटीएम एनक्यूएक्सटी एबिट्डा के आधार पर प्रोफॉर्मा नेट डेट टू एबिट्डा 1.8 गुना रहा।
● क्रेडिट रेटिंग में सुधार: एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने एपीएसईज़ेड की दीर्घकालिक इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग और सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की रेटिंग 'बीबीबी-' से बढ़ाकर 'बीबीबी' कर दी है। साथ ही आउटलुक 'स्टेबल' रखा है। इसके साथ एपीएसईज़ेड की रेटिंग एसएंडपी द्वारा भारत को दी गई सॉवरेन रेटिंग के बराबर हो गई है। जनवरी 2026 में जेसीआर ने भी एपीएसईज़ेड को 'ए-' / 'स्टेबल' रेटिंग दी थी। इसके साथ कंपनी उन चुनिंदा भारतीय कॉर्पोरेट्स में शामिल हो गई, जिन्हें किसी इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी से देश की सॉवरेन रेटिंग से बेहतर रेटिंग मिली है।
केयर रेटिंग्स और आईसीआरए लिमिटेड ने भी एपीएसईज़ेड की सर्वोच्च घरेलू रेटिंग 'एएए' को बरकरार रखा है, जिससे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति की फिर पुष्टि हुई है। 30 जून, 2026 तक कंपनी के ऋण की औसत परिपक्वता अवधि 5.1 वर्ष रही, जबकि 30 जून, 2025 तक यह 5.2 वर्ष थी।
एपीएसईज़ेड के बारे में जानकारी
विविध कारोबार वाले अदाणी समूह का हिस्सा एपीएसईज़ेड भारत की अग्रणी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट कंपनी है। कंपनी इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क के जरिए कार्गो की शुरुआत से लेकर पोर्ट्स हैंडलिंग, रेल परिवहन, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और सड़क मार्ग से ग्राहकों तक अंतिम डिलीवरी तक पूरी लॉजिस्टिक्स चेन में सेवाएं प्रदान करती है।
अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई आधारित ऑप्टिमाइजेशन से लैस इसकी 'शोर-टू-डोर' सेवाएं एपीएसईज़ेड को भारत की अग्रणी इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस कंपनी बनाती हैं। कंपनी देश के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर रणनीतिक रूप से स्थित 15 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का संचालन करती है। इसके अलावा 136 वेसल्स का मरीन बेड़ा, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 31 लाख वर्गफीट वेयरहाउसिंग क्षमता और अपने प्लेटफॉर्म पर संचालित 25,000 से अधिक ट्रक्स के साथ कंपनी तटीय क्षेत्रों और देश के अंदरूनी हिस्सों से बड़े पैमाने पर कार्गो संभालने की क्षमता रखती है। एपीएसईज़ेड ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इज़राइल और तंजानिया में 4 इंटरनेशनल पोर्ट्स का भी संचालन करती है।
वर्तमान में कंपनी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रतिवर्ष है और भारत के कुल पोर्ट कार्गो में इसकी हिस्सेदारी लगभग 27 प्रतिशत है। कंपनी ने वर्ष 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का लक्ष्य तय किया है।
एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 में एपीएसईज़ेड को दुनिया की शीर्ष 5 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल किया गया है। वहीं, कंपनी के पांच पोर्ट्स को विश्व बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में भी जगह मिली है। अपने बड़े नेटवर्क, परिचालन उत्कृष्टता और इंटीग्रेटेड क्षमताओं के दम पर एपीएसईज़ेड वैश्विक व्यापार को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।





