उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति

दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की। आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा सचिवालय की संयुक्त सचिव गरिमा जैन और राज्यसभा सचिवालय के निदेशक विजय कुमार को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है।
उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 14 दिन होता है। तीन-चार दिन जांच के लिए और फिर 14 दिन प्रचार का समय होता है। मॉनसून सत्र 21 अगस्त को समाप्त होगा और जिसमें अब केवल 20 कार्यदिवस बचे हैं। ऐसे मं नए उपराष्ट्रपति का चुनाव होने की संभावना कम है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में फिलहाल 782 सदस्य हैं, जिसमें लोकसभा के 542 और राज्यसभा के 240 सदस्य शामिल हैं। हालांकि, पश्चिम बंगाल की बसीरहाट लोकसभा सीट और जम्मू-कश्मीर की 4 राज्यसभा सीटें खाली हैं। पंजाब के आप सांसद संजीव अरोड़ा ने भी इस्तीफा दे दिया है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 134 (कुल 427) सदस्य हैं। विपक्ष के पास लोकसभा में 249 और राज्यसभा में 106 (कुल 355) सदस्य हैं। इस कारण एनडीए के उम्मीदवार की जीत लगभग तय है। अगर चुनाव आयोग प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करता है तो यह एक लंबी प्रक्रिया होगी। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव को देखते हुए विपक्ष आसानी से हार नहीं मानने वाला है। इससे प्रचार, मतदान, गिनती और नतीजे की घोषणा के लिए अतिरिक्त समय लगेगा। ऐसे में मतदान मॉनसून सत्र के बाद कराया जा सकता है।





