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कान्हा टाइगर रिजर्व में फिर बाघ की मौत, 5–6 साल के नर बाघ का शव मिला

Shantanu Roy
19 May 2026 4:30 PM IST
कान्हा टाइगर रिजर्व में फिर बाघ की मौत, 5–6 साल के नर बाघ का शव मिला
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बड़ी खबर
Mandla. मंडला। मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां मुक्की परिक्षेत्र के बीट मोहगांव के कक्ष क्रमांक 156 में एक नर बाघ मृत अवस्था में पाया गया। सुबह नियमित गश्त के दौरान वन विभाग के गश्ती दल को बाघ का शव मिला, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच प्रक्रिया शुरू की गई। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत डॉग स्क्वॉड से भी घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संघर्ष के संकेतों की जांच की जा सके।
इसके बाद तीन डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने बाघ का पोस्टमार्टम किया। प्रारंभिक जांच में बाघ की उम्र लगभग 5 से 6 वर्ष बताई गई है। डॉक्टरों के अनुसार, बाघ के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं और उसके फेफड़ों में संक्रमण भी पाया गया है, जिसे मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि नर बाघ के सभी महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित हैं। उसके केनाइन दांत, नाखून और मूंछ के बाल सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार या अवैध गतिविधियों की आशंका फिलहाल कम मानी जा रही है। फिर भी किसी भी संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है।
वन विभाग ने मौके से फॉरेंसिक जांच के लिए आवश्यक सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें आगे प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। इन सैंपलों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या किसी अन्य वजह से। कान्हा टाइगर रिजर्व, जो देश के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में से एक माना जाता है, वहां लगातार बाघों की मौतों की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वन विभाग के अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहे हैं।
वन अधिकारियों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और अन्य बाघों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में गश्त को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। स्थानीय स्तर पर भी यह घटना चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार मौतें वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर दबाव बढ़ा रही हैं। इस तरह की घटनाओं की विस्तृत और पारदर्शी जांच आवश्यक है ताकि वास्तविक कारण सामने आ सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
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