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फाइल फोटो
देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर की रफ्तार कम पड़ने के बावजूद कुछ राज्यों में रोजाना आने वाले आंकड़े डराने वाले हैं. हालांकि राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक सभी तीसरी लहर की तैयारी में जुटे हैं.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर की रफ्तार कम पड़ने के बावजूद कुछ राज्यों में रोजाना आने वाले आंकड़े डराने वाले हैं. हालांकि राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक सभी तीसरी लहर की तैयारी में जुटे हैं. इस बीच आंध्र प्रदेश सरकार तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति में बाल चिकित्सा सुपर केयर अस्पताल स्थापित कर रही है. दरअसल, विशेषज्ञों की चेतावनी है कि तीसरी लहर, पहली और दूसरी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है और यह बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेगी.
तीसरी लहर को लेकर एक्शन में आंध्र प्रदेश सरकार
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए एक प्लान तैयार करने का निर्देश दिया. क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि तीसरी लहर के दौरान बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा रहेगा. एक अधिकारी ने कहा, 'हम बच्चों के इलाज के लिए योजना बना रहे हैं और सभी सरकारी अस्पतालों में बाल चिकित्सा मामलों को संभालने के लिए बाल चिकित्सा स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं.'
आंध्र प्रदेश ने ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर के स्टॉक भी खरीदे हैं, जो सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को किए जा रहे हैं. सभी सरकारी और शिक्षण अस्पतालों के सभी बिस्तरों को ऑक्सीजन से लैस किया जा रहा है.
आंध्र प्रदेश में अभी भी 23,939 एक्टिव केस
बता दें कि आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटे में बुधवार को 2,527 नए मामले सामने आए हैं और 19 मरीजों की मौत हो गई. इस अवधि में 2,412 मरीज संक्रमण मुक्त हुए लेकिन यह संख्या नए संक्रमित मरीजों की संख्या से कम रही और इस तरह से राज्य में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में आंशिक वृद्धि हुई. यहां अब 23,939 मरीजों का उपचार चल रहा है. वहीं अब तक 19,09,613 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 13,197 मरीजों की मौत हुई है.
राज्य में संक्रमण के अब तक कुल 19,46,749 मामले सामने आए हैं. यहां संक्रमण दर 8.2 फीसदी, स्वस्थ होने की दर 98.1 फीसदी और मृत्यु दर 0.68 फीसदी है. पिछले 24 घंटे में पूर्वी गोदावरी जिले से सबसे ज्यादा 515 मामले सामने आए हैं.
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