
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर की संतान, जो पहले आर्यन बांगर के नाम से जानी जाती थी, अब अनाया बांगर के रूप में भारत लौट आई हैं। इंग्लैंड में रहते हुए उन्होंने जेंडर ट्रांजिशन कराया और अब अपनी नई पहचान के साथ पहली बार भारत आई हैं।
कैसे हुई ट्रांजिशन की प्रक्रिया?
इंग्लैंड में अनाया ने लंबी जेंडर ट्रांजिशन प्रक्रिया से गुजरते हुए अपनी नई पहचान अपनाई। इस दौरान उन्होंने हार्मोन थेरेपी और मेडिकल प्रोसीजर कराए। भारत लौटने के बाद अनाया का लुक पहले से काफी बदला हुआ नजर आ रहा है।
परिवार का रुख और अनाया की प्रतिक्रिया
अनाया बांगर की इस नई पहचान को लेकर अब तक संजय बांगर या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, अनाया ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए ‘नई जिंदगी, नई पहचान’ जैसे कैप्शन लिखे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह इस बदलाव को लेकर खुश और आत्मविश्वास से भरी हुई हैं।
क्या है भारतीय समाज की प्रतिक्रिया?
भारत में जेंडर ट्रांजिशन को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आजादी मानते हैं, तो कुछ अभी भी इसे सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ मानते हैं। अनाया का इस वक्त भारत आना और अपने बदले हुए लुक को अपनाना एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी देता है।
आगे क्या?
अनाया भारत में अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता रही हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर मीडिया में चर्चा बनी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह भारत में अपने भविष्य की क्या योजना बनाती हैं।





