
सरकारी योजना के अनुसार, "श्वेत क्रांति मिशन" के तहत इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दूध उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाना और दूध की कुशल खरीद प्रक्रिया को मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत दूध समितियों की संख्या 6,000 से बढ़ाकर 9,000 की जाएगी, जिससे लगभग 18,000 गांवों को कवर किया जाएगा। इससे रोजाना दूध संग्रहण की मात्रा 10.50 लाख किलोग्राम से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की भागीदारी से 1,390 गांवों से बढ़ाकर 2,590 गांवों तक दूध उत्पादक संगठनों का विस्तार किया जाएगा और दूध खरीद की मात्रा 1.3 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगी। वहीं, राज्य की डेयरी प्लांट की मौजूदा क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी।
अगले पांच वर्षों में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे दूध उत्पादकों की वार्षिक आय 1,700 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। एनडीडीबी 'सांची' ब्रांड को और मजबूत करने और देशभर में उसकी पहचान बढ़ाने में मदद करेगा, हालांकि ब्रांड नाम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और एनडीडीबी इसके लिए कोई प्रबंधन शुल्क भी नहीं लेगा। दूध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों की शिकायतों को सुलझाने के लिए एक विशेष शिकायत निवारण प्रणाली भी लागू की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर अमित शाह दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे और सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान विभिन्न पक्षों से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों पर एक प्रस्तुति भी देगी। उन्हें बताया जाएगा कि अगले कुंभ मेले में किस तरह के नवाचार किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह वरिष्ठ भाजपा नेताओं से अनौपचारिक बातचीत भी कर सकते हैं।





