भारत

H-1B वीजा पर अमेरिका का बड़ा बयान, मार्को रुबियो बोले

SHIDDHANT
23 Oct 2026 9:07 PM IST
H-1B वीजा पर अमेरिका का बड़ा बयान, मार्को रुबियो बोले
x
भारत को निशाना बनाना हमारा मकसद नहीं
दिल्ली। अमेरिका के H-1B वीजा नियमों में सख्ती को लेकर भारतीय पेशेवरों की चिंताओं के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई आव्रजन नीतियां भारत को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य अमेरिकी कामगारों के हितों की रक्षा करना और देश की आव्रजन व्यवस्था में सुधार लाना है।
भारतीय पेशेवरों पर असर, लेकिन भारत निशाने पर नहीं
एक इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने कहा कि नए नियमों का असर उन भारतीय नागरिकों पर पड़ रहा है, जो अमेरिका में नौकरी करना चाहते हैं। इसका प्रभाव उन अमेरिकी कंपनियों पर भी पड़ता है, जो भारतीय पेशेवरों को नियुक्त करना चाहती हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि ये नियम किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के सभी देशों पर लागू होते हैं।
अमेरिकी कामगारों को प्राथमिकता देने पर जोर
रुबियो ने कहा कि अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था में लंबे समय से कई समस्याएं रही हैं। उनके अनुसार, कुछ रोजगार आधारित आव्रजन कार्यक्रमों में धोखाधड़ी और दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे देश के कामगारों, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
H-1B वीजा के नियमों में क्या बदलाव?
अमेरिकी प्रशासन ने 18 सितंबर 2026 को H-1B कार्यक्रम से संबंधित प्रतिबंधों को एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके तहत कुछ नई H-1B याचिकाओं से जुड़े प्रवेश प्रतिबंध और एक लाख अमेरिकी डॉलर के भुगतान की शर्त लागू रहती है। हालांकि, नियमों में विशेष अपवाद भी निर्धारित हैं।
भारतीय युवाओं और आईटी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण
H-1B वीजा का उपयोग अमेरिकी कंपनियां विशेष तकनीकी और व्यावसायिक योग्यता वाले विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए करती हैं। भारतीय आईटी पेशेवर इस कार्यक्रम के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल रहे हैं।
विशेषज्ञता आधारित नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले भारतीय युवाओं और कंपनियों को वीजा पात्रता, नियोक्ता प्रायोजन तथा नए नियमों की आधिकारिक जानकारी की जांच करनी चाहिए।
Next Story