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हैदराबाद में ईरानी समुदाय की गहरी जड़ें राजदूत फतहली ने बताई कहानी

SHIDDHANT
11 Sept 2026 8:49 PM IST
हैदराबाद में ईरानी समुदाय की गहरी जड़ें राजदूत फतहली ने बताई कहानी
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पीढ़ियां बदलीं रिश्ता कायम रहा भारत में ईरानी समुदाय पर बोले राजदूत
Delhi दिल्ली। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली ने भारत में रह रहे ईरानी समुदाय और खास तौर पर हैदराबाद से उसके पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत में ईरानियों की तीसरी पीढ़ी देखने को मिल रही है और इनमें एक महत्वपूर्ण हिस्सा मूल रूप से ईरान के यज्द क्षेत्र से संबंध रखने वाले लोगों का है।
डॉ. मोहम्मद फतहली ने कहा कि यज्द मूल के ये लोग धार्मिक आस्था रखने वाले और मेहनती समुदाय के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से हैदराबाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समुदाय के लोग वहां काफी प्रसिद्ध और पहचाने जाते हैं।
ईरानी राजदूत का यह बयान भारत और ईरान के बीच केवल कूटनीतिक संबंधों ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी रेखांकित करता है। भारत के विभिन्न शहरों में ईरानी मूल के समुदायों की मौजूदगी दोनों देशों के लोगों के बीच ऐतिहासिक संपर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही है।
हैदराबाद अपनी विविध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। शहर में अलग-अलग समुदायों की मौजूदगी ने इसकी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट बनाया है। ईरानी राजदूत द्वारा यज्द मूल के समुदाय का जिक्र इसी ऐतिहासिक जुड़ाव की ओर ध्यान आकर्षित करता है।
राजदूत के मुताबिक अब इस समुदाय की तीसरी पीढ़ी भारत में मौजूद है। पीढ़ियों के इस सफर ने भारत और ईरान के बीच लोगों के स्तर पर बने रिश्तों को लंबे समय तक कायम रखने में भूमिका निभाई है। भारत और ईरान के संबंधों में व्यापार, संस्कृति और ऐतिहासिक संपर्क का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। ऐसे में राजदूत का बयान दोनों देशों के बीच मौजूद ‘पीपल-टू-पीपल’ संबंधों की एक अलग तस्वीर सामने लाता है। डॉ. फतहली की टिप्पणी से यह भी स्पष्ट होता है कि हैदराबाद में रहने वाला यज्द मूल का समुदाय आज भी अपनी विशिष्ट पहचान के साथ भारत-ईरान के पुराने सांस्कृतिक रिश्ते की अहम कड़ी बना हुआ है।
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