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Lucknow लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर की जा रही आलोचनाओं पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने से पहले अखिलेश यादव को अपने शासनकाल की स्थिति और उस दौरान प्रदेश में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि सपा शासनकाल को जनता आज भी गुंडाराज के रूप में याद करती है।
डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार सरकार की आलोचना कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में प्रदेश की स्थिति कैसी थी? उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन को आम जनता आज भी कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और अपराधियों के बढ़ते प्रभाव के कारण याद करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता था, जबकि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। भाजपा सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'उत्तम प्रदेश' बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यही कारण है कि विपक्षी दलों में बेचैनी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि जिस प्रकार के विकास कार्य आज प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं, वे उनके शासनकाल में नहीं हो सके। इसी वजह से वह लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और राजनीतिक मुद्दों को हवा देने का प्रयास कर रहे हैं। लखनऊ में महिला दारोगा से कथित दुष्कर्म के मामले को लेकर भी डॉ. संगीता बलवंत ने प्रतिक्रिया दी। इस मामले पर अखिलेश यादव ने कहा था कि महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली भाजपा की महिलाएं इस घटना से शर्मिंदा होंगी। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और स्थानीय प्रशासन इसकी जांच कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भाजपा शासन में सुबह पुल गिरने, दोपहर में रेलवे स्टेशन के शेड गिरने और शाम तक गंगा एक्सप्रेसवे में दरारों जैसी खबरें सामने आती हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. बलवंत ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने शासनकाल की स्थिति याद करनी चाहिए, जब प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते थे। उन्होंने दावा किया कि जनता ने सपा के शासन को देखा है और इसी कारण उसे सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा और भाजपा एक बार फिर मजबूत स्थिति में रहेगी।
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