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Lucknow. लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को यूपी के अलग-अलग एक्सप्रेस-वे पर बनी एक फिल्म दिखाई गई। इसमें सड़कों की हालत, टूटे हिस्सों और निर्माण में कथित गड़बड़ी को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई गई। इसी दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. राम आसरे कुशवाहा अपने समर्थकों के साथ भाजपा छोड़कर सपा में लौट आए। प्रो. रामश्रय विश्वकर्मा और मथुरा के कारोबारी अशोक अग्रवाल ने भी सपा की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने नीला गमछा पहनकर सभी का पार्टी में स्वागत किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एक्सप्रेस-वे की फिल्म दिखाई
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इससे पहले वहां मौजूद लोगों को यूपी के अलग-अलग एक्सप्रेस-वे को लेकर एक विशेष फिल्म दिखाई गई। फिल्म में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के टूटे हिस्सों के साथ-साथ निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई गई। अखिलेश ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे पहली बारिश में ही 'वॉटर एक्सप्रेस-वे' बन गया था। उन्होंने दावा किया कि वहां बने गड्ढों को छिपाने के लिए भदोही से कारपेट तक मंगाए गए थे। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन शुरू होते ही यह धंस गया और आज भी मरम्मत का काम चल रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार की नकल करके वहां लड़ाकू विमान तो उतार दिया गया, लेकिन सड़क की हालत ऐसी है कि तेज रफ्तार में चलने पर गाड़ी अस्पताल पहुंचा सकती है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को लेकर उन्होंने कहा कि दो दिन पहले RCC का पुल टूटने लगा और उसकी सरिया दिखाई देने लगीं। उन्होंने सवाल उठाया कि सीमेंट खराब था या बालू। साथ ही कहा कि सुनने में आया है कि संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
नोटबंदी, UPI और नौकरियों को लेकर भी हमला
अखिलेश ने अर्थव्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय बताया गया था कि इसका असर बड़े लोगों पर होगा, लेकिन नुकसान आम जनता को उठाना पड़ा। उन्होंने UPI को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि यह अब पैसा ऐंठने और चुंगी वसूलने जैसी व्यवस्था बन गई है। अखिलेश ने ऐसे लोगों के खेल को बंद करने की बात कही। पेपर लीक को लेकर उन्होंने कहा कि यूपी में 20 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन किसी बड़े आरोपी को जेल भेजा गया क्या? अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर नौजवानों को रोजगार मिलेगा और सामाजिक न्याय यानी PDA व्यवस्था लागू की जाएगी। पेड़ लगाने के आंकड़ों पर भी उन्होंने सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि कागजों पर 200 करोड़ पेड़ लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय 1,000 एकड़ जमीन पर 1.34 लाख पेड़ लगाए गए थे। अगर 200 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तो सरकार बताए कि इतनी जमीन आखिर कहां है।
अखिलेश बोले- हमारी बनाई सड़कें आज भी मजबूत
अखिलेश ने अपनी सरकार के समय हुए निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार में बनाए गए निर्माण की क्वालिटी पर आज भी सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को देश का सबसे बेहतरीन एक्सप्रेस-वे बताया। अखिलेश ने कहा कि NHAI ने इसकी डिजाइन की नकल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने एक्सप्रेस-वे के मेंटेनेंस का पैसा भी खा लिया और सड़क के किनारे मंडियां तक नहीं बना पाए। अखिलेश ने सपा सरकार में बांटे गए लैपटॉप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे लैपटॉप आज भी चलते हैं। गोमती रिवर फ्रंट के नोजल पर आज तक जंग नहीं लगी और सपा सरकार में बनी साइकिल हाईवे की RCC सड़कें भी मजबूत हैं। परफ्यूम पार्क को लेकर उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र की राजनीति करने वालों को परफ्यूम पार्क से क्या लेना-देना। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जिस जगह मुख्यमंत्री बैठते हैं, उसका निर्माण किसने कराया था।
कानून-व्यवस्था और LDA पर भी सवाल
अखिलेश ने यूपी में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ, गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश में लगातार हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। साथ ही दावा किया कि यूपी साइबर क्राइम और पत्रकारों के उत्पीड़न में नंबर-1 बन चुका है। लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA को लेकर अखिलेश ने कहा कि वह अब 'लेन-देन एजेंसी' बनकर रह गया है। उन्होंने शाहजहांपुर का एक वायरल वीडियो का जिक्र किया और कहा कि उसमें रिश्वत लेने वाले लोग एक-दूसरे की पोल न खोलने की कसम खाते दिखाई दिए। अखिलेश ने कहा कि जब वित्तमंत्री के गृह जिले का यह हाल है तो बाकी जगहों की स्थिति समझी जा सकती है।
विश्वकर्मा जयंती पर छुट्टी और मंदिर का ऐलान
विश्वकर्मा जयंती के मौके पर अखिलेश यादव ने एक और घोषणा की। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश होता था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया। अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर यह छुट्टी फिर से शुरू की जाएगी। इसके अलावा लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य मंदिर बनाने की बात भी कही। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में न तानाशाही चलेगी और न दानाशाही। अखिलेश ने दावा किया कि जनता इस सरकार को बदल देगी।
राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. राम आसरे कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर सपा में वापसी की। उनके साथ उनके समर्थक भी सपा में शामिल हुए। प्रो. रामश्रय विश्वकर्मा और मथुरा के प्रमुख व्यापारी अशोक अग्रवाल ने भी सपा का दामन थामा। अखिलेश यादव ने नीला गमछा पहनकर उनका स्वागत किया। नीला गमछा पहनने को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती पहले अखिलेश पर निशाना साध चुकी हैं। मायावती ने कहा था कि नीले कपड़े पहनने यानीला गमछा डालने से विरोधी दलों की जातिवादी सोच नहीं बदलती और बहुजन समाज को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
सपा में लौटने के बाद राम आसरे कुशवाहा ने अखिलेश यादव को नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भेंट की। उन्होंने 10 लाख रुपए का चेक भी दिया, जिसमें से 5 लाख रुपए नेताजी के ट्रस्ट को दिए गए। कुशवाहा ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें नेताजी की तरह अपने बगल में कुर्सी देकर सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले लेते, तब तक कार्यकर्ता शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी उन्हें अपना 'बीरबल' कहते थे, क्योंकि वह हमेशा सच बोलते थे। कुशवाहा ने सपा में लौटने के बाद कहा कि राजनीति में सम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान मिलेगा, वहीं रिश्ता रहेगा।
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