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Air Marshal सुरत सिंह ने पूर्वी सेक्टर के अग्रिम हवाई अड्डे का किया दौरा

SHIDDHANT
24 Jan 2026 9:02 PM IST
Air Marshal सुरत सिंह ने पूर्वी सेक्टर के अग्रिम हवाई अड्डे का किया दौरा
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हवाई अड्डे
Delhi दिल्ली: भारतीय वायु सेना (IAF) के एयर मार्शल सुरत सिंह, AOC-in-C, पूर्वी हवाई कमान ने 23 जनवरी 2026 को पूर्वी सेक्टर में स्थित एक अग्रिम हवाई अड्डे का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य बेस की सैनिक परिचालन तैयारियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करना और एयर वॉरियर्स के साथ संवाद स्थापित करना था। दौरे के दौरान एयर मार्शल सुरत सिंह ने हवाई अड्डे पर तैनात कर्मियों से बातचीत की और उनके पेशेवर रवैये, समर्पण और मिशन तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि एयर वॉरियर्स की प्रतिबद्धता और अनुशासन भारतीय वायु सेना की शक्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर उन्होंने बेस की सैन्य और तकनीकी तैयारियों का भी मूल्यांकन किया। इसमें हवाई पैंतरेबाज़ी, उपकरणों की स्थिति, आपूर्ति श्रृंखला और हवाई संचालन क्षमता शामिल थी। एयर मार्शल ने कहा कि नियमित निरीक्षण और समीक्षा से न केवल संचालन की दक्षता सुनिश्चित होती है, बल्कि जवानों का मनोबल भी बढ़ता है। IAF ने बताया कि इस दौरे में एयर मार्शल ने फाइटर विमानों, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर यूनिटों के परिचालन readiness की समीक्षा की और सुनिश्चित किया कि सभी इकाइयाँ किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। उन्होंने जवानों को उच्च मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण जारी रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्परता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा, एयर मार्शल ने बेस के अधिकारियों और तकनीशियनों के साथ चर्चा की, जिससे सुरक्षा, रखरखाव और मिशन योजना से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक एयर वॉरियर का योगदान राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता में महत्वपूर्ण है। IAF ने बताया कि एयर मार्शल सुरत सिंह का यह दौरा भारतीय वायु सेना की पूर्वी सेक्टर में परिचालन क्षमता को मजबूत करने, सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने और सामरिक तत्परता सुनिश्चित करने के महत्व को दर्शाता है। उनके दौरे से एयर वॉरियर्स को अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध की याद दिलाने के साथ-साथ मिशन सफल बनाने की प्रेरणा भी मिली। भारतीय वायु सेना ने अपने बयान में कहा कि इस दौरे से यह सुनिश्चित हुआ कि पूर्वी हवाई कमान आपातकालीन और रणनीतिक संचालन के लिए हमेशा तैयार है और सभी इकाइयाँ उच्च स्तरीय operational readiness बनाए रख रही हैं।
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