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वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट डील अंतिम चरण में
Tara Tandi
3 Oct 2026 4:21 PM IST

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नई दिल्ली: एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने शनिवार को कहा कि अगर योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो भारत इस फाइनेंशियल ईयर के आखिर तक लंबे समय से प्रतीक्षित मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) डील को फाइनल कर सकता है।
एयर फोर्स डे से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने कहा कि प्रस्तावित खरीद — जिसकी कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है — पर कीमत को लेकर बातचीत और अन्य अहम मुद्दों पर काम चल रहा है।
भारत ने फरवरी में देश की अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस खरीद पहल के तहत 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह डील फ्रांस के साथ सरकार-से-सरकार (G2G) फ्रेमवर्क के तहत तैयार की गई थी। यह योजना भारतीय वायु सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाने और भारत के राफेल बेड़े का विस्तार करने के लिए लगभग दो दशक पहले शुरू की गई थी।
एक बार समझौता हो जाने के बाद, भारत के पास कुल राफेल विमानों की संख्या 176 हो जाएगी। इसमें भारतीय वायु सेना द्वारा पहले से संचालित 36 राफेल और भारतीय नौसेना द्वारा अपने एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनाती के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल-एम फाइटर जेट शामिल होंगे।
एयर चीफ मार्शल ने यह संभावना भी जताई कि अगर एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम में देरी होती है, तो वायु सेना किसी दूसरे प्लेटफॉर्म को खरीदने पर विचार कर सकती है।
उन्होंने कहा, "रूस ने हमें Su-57 जेट की पेशकश की है, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।"
फाइटर स्क्वाड्रन की घटती संख्या के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना (IAF) को अगले कुछ वर्षों में हर साल कम से कम 36 से 40 विमानों की जरूरत है।
भारत को अपनी वायु शक्ति को और बढ़ाने की जरूरत है, जो कुल सैन्य ताकत के लिहाज से बहुत अहम है।
सेना के आधुनिकीकरण पर सिंह ने कहा, "हमें AI-युक्त सेना की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि कुल युद्ध तत्परता के लिए आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है।
एयर चीफ ऑफ स्टाफ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को देश में ही फाइटर जेट इंजन का निर्माण करना चाहिए।
डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने सितंबर में कहा था कि और राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए फ्रांस के साथ हुई डील से भारत को दूसरी फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन लाइन स्थापित करने में मदद मिलेगी और साथ ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "भले ही हम राफेल डील पर आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन स्वदेशी LCA तेजस मार्क 1A प्रोग्राम भी जारी रहेगा। यह एक स्पाइरल डेवलपमेंट मॉडल होगा जिसमें हम इसे लगातार बेहतर बनाते रहेंगे और इसमें स्वदेशी हथियारों के साथ-साथ ऐसे स्वदेशी रडार लगाएंगे जो दुनिया के दूसरे रडार से बेहतर हों।"
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