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युवक की डूबने से मौत के बाद एम्स गोलंबर जाम, ग्रामीणों का प्रदर्शन

Shantanu Roy
21 April 2026 2:56 PM IST
युवक की डूबने से मौत के बाद एम्स गोलंबर जाम, ग्रामीणों का प्रदर्शन
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इलाके में तनाव का माहौल
Patna. पटना। पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में पोखर में डूबने से एक युवक की मौत के बाद मंगलवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। घटना के बाद शव बरामद नहीं होने और प्रशासन पर लापरवाही के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने एम्स गोलंबर को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क पर आगजनी भी की गई और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई, जिससे पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
यह घटना भूसौला पोखर की है, जहां बिक्रम थाना क्षेत्र के मोहनचक निवासी 28 वर्षीय बिलेन्द्र मांझी की डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बिलेन्द्र मांझी रिश्तेदारी में आयोजित तिलक समारोह में शामिल होने के लिए भूसौला पोखर के पास आए थे। सोमवार रात करीब 10 बजे वह शौच के लिए बाहर निकले थे, इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे सीधे पोखर में गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तथा बाराती तुरंत बचाव कार्य में जुट गए, लेकिन अंधेरा और संसाधनों की कमी के कारण सफलता नहीं मिली।
हादसे के करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद भी शव बरामद नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में लोग एम्स गोलंबर पर पहुंचे और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आगजनी भी की और प्रशासन के खिलाफ लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। इस कारण मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को दी गई थी, लेकिन राहत और बचाव कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनका आरोप है कि समय पर गोताखोरों की टीम नहीं लगाई गई, जिससे शव बरामद करने में देरी हो रही है। इसी लापरवाही के विरोध में लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के चलते पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटाने की अपील की, लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। परिजन लगातार मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द गोताखोरों की टीम लगाई जाए ताकि शव बरामद कर अंतिम संस्कार किया जा सके।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर बचाव कार्य शुरू हो जाता तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी या शव जल्दी मिल जाता। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है और प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास कर रहा है। वहीं परिजन और ग्रामीण लगातार उचित कार्रवाई और तत्काल शव बरामद करने की मांग कर रहे हैं।
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