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AI से हेल्थकेयर में होगा बदलाव, अरबों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में निभाएगा अहम भूमिका

jantaserishta.com
20 Feb 2026 11:32 AM IST
AI से हेल्थकेयर में होगा बदलाव, अरबों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में निभाएगा अहम भूमिका
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नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का मतलब डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है। एआई चिकित्सकों का समय बचाएगा, सोचने और देखभाल करने का समय देगा। यह बातें दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में इंडस्ट्री के लीडरों ने कही।
एआई इम्पैक्ट समिट में फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स का कहना है कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज़्यादा असर हो सकता है। उन्होंने कहा, " एआई पहले से ही ज़्यादा बोझ वाले सिस्टम पर दबाव कम कर रहा है। जब हम अब से एक दशक बाद पीछे मुड़कर देखेंगे, तो हेल्थकेयर में एआई को स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीज़ों के लिए याद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें इसने बेहतर बनाने में मदद की।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वैंग ने रोज़मर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते एकीकरण (इंटीग्रेशन) और इसके रास्ते को बनाने में भारत की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा विज़न पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस है, जो आपको, आपके लक्ष्यों, आपकी रुचियों को जानता है। इसके साथ ही आप जिस भी काम पर फोकस कर रहे हैं, उसमें आपकी मदद करता है। यह आपकी सेवा करता है, आप कोई भी हों, कहीं भी हों।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर ने आगे कहा, "आपका पर्सनल एआई आपको कितनी अच्छी तरह जानता है? अगर हम इसे जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, तो लोग हमें काम पर नहीं रखेंगे। भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस को मॉडल्स की तरह ही तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए।
किंड्रिल के चेयरमैन और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कहा, “इनोवेशन असली है। चुनौती तैयारी की है। एआई आज भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, ऑपरेशन्स और लोगों को इसे बड़े पैमाने पर सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “एआई का भविष्य रिसर्च लैब्स या बोर्डरूम में तय नहीं होगा। यह इस बात से तय होगा कि यह उन सिस्टम्स में कितने भरोसे और ज़िम्मेदारी से जुड़ा है जिन पर समाज हर दिन निर्भर करता है।”
श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ग्लोबल सीईओ ओलिवियर ब्लम ने एआई और ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एआई का मतलब है ज्यादा कंप्यूट, ज्यादा कंप्यूट का मतलब है अधिक एनर्जी। हम ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंक सकते।" इसके साथ ही उन्होंने एफिशिएंसी के लिए एआई की बदलाव लाने की क्षमता की ओर भी इशारा किया।
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